नई दिल्ली, 8 नवंबर (आईएएनएस)। कांग्रेस संसदीय दल की अध्यक्ष सोनिया गांधी के बाबरी मस्जिद वाले बयान पर ऑल इंडिया इमाम एसोसिएशन के इमाम साजिद रशीदी ने तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि ये सोनिया गांधी के घड़ियाली और मगरमच्छ के आंसू हैं, क्योंकि बाबरी विध्वंस के बाद कांग्रेस को 16 साल तक सरकार में रहने का मौका मिला, लेकिन उसने न तो मस्जिद बनवाई और न ही साजिशकर्ताओं पर कार्रवाई की।
इमाम साजिद रशीदी ने कहा, “1992 से लेकर 1996 तक उनकी सरकार थी, फिर 2004 से 2014 तक उनकी सरकार थी। अगर आपके आंसू आए थे, तो आप बाबरी मस्जिद को 16 साल में बनवा सकती थीं। 16 साल में आप उन लोगों के खिलाफ कार्रवाई कर सकती थीं, जिन्होंने बाबरी मस्जिद को तोड़ने की साजिश की। कोर्ट ने भी कहा है कि जो लोग इस साजिश में शामिल थे, उनके खिलाफ कार्रवाई होनी चाहिए।”
उन्होंने कहा कि आप 16 साल में कार्रवाई कर सकती थीं। आप विश्व हिंदू परिषद पर प्रतिबंध लगा सकती थीं, आप आरएसएस पर बैन लगा सकती थीं और आप इन तमाम लोगों को जेल में डलवा सकती थीं। जिस तरह आपने टाडा और पोटा के नाम पर हजारों मुस्लिम बच्चों को जेल में डाला, जो आज भी हैं, उस वक्त आपके आंसू नहीं निकले। जब मेरठ, मलियाना, हाशिमपुरा कांड हुआ, उस वक्त आपके आंसू नहीं निकले। जब भागलपुर में दंगा हुआ, उस वक्त आपके आंसू नहीं निकले। मुरादाबाद में दंगा हुआ, उस वक्त आंसू नहीं निकले। कांग्रेस ने देशभर में 50,000 फसाद दिए हैं और सबका खामियाजा मुसलमानों को भुगतना पड़ा। आपने एक बार भी आंसू नहीं निकाले। ये सिर्फ 2027 के आंसू हैं। इन आंसुओं से कोई फायदा नहीं।
उन्होंने कहा कि अब भी एक मौका है। कांग्रेस बोले कि अगर हम सत्ता में आए तो बाबरी मस्जिद बनाएंगे। हम सत्ता में आए तो उन लोगों को सजा देंगे। हम सत्ता में आए तो आरएसएस पर बैन लगाएंगे। मुसलमान फिर भी माफ करने को तैयार है।
उन्होंने कहा कि मुसलमान ने तो तय कर लिया है कि इनको वोट नहीं मिलेगा। अब हिंदुओं को तय करना है कि इस नकली हिंदू को वो वोट देंगे या नहीं देंगे। कभी कृष्ण के अवतार में आते हैं, कभी कहते हैं कि हम कृष्ण को लाएंगे, अब राम के दरबार में जाना चाहते हैं। ये सब इनका ढोंग है। दूसरी बात, मुलायम सिंह ने कहा था कि जो अपने बाप का नहीं हुआ, वो किसी का नहीं हो सकता। इसलिए हिंदुओं को सोचना है कि जब ये मुलायम सिंह के नहीं हुए, तो आपके कैसे होंगे? हमने तो सोच लिया, हम इनको वोट देने नहीं जा रहे हैं।
टीएमसी नेता की अग्निपरीक्षा वाले बयान को लेकर उन्होंने कहा कि मैं समझता हूं कि उनके खिलाफ कार्रवाई हो जाती और उनके खिलाफ एफआईआर हो जाती। क्योंकि ये हिंदू हैं, बयान देने वाले, तो इनके खिलाफ एफआईआर भी नहीं होगी, इन पर कार्रवाई भी नहीं होगी। ये भी सच्चाई है। जो कुछ हुआ, वो इतिहास का हिस्सा है, लेकिन इस तरह के बयान देना, किसी की भावनाओं को भड़काना, मैं समझता हूं कि अच्छा नहीं है और इन पर कार्रवाई होनी चाहिए।
उन्होंने आगे कहा कि कांग्रेस मुसलमानों की पार्टी नहीं है। मुसलमानों को जितने जख्म दिए हैं कांग्रेस ने, वो इतिहास में अपने आप दर्ज हैं और हर मुसलमान उनको जानता है। इसलिए मुसलमानों ने इनको नकार दिया है। अब इमरजेंसी पर आप रोएं, आप 1984 के दंगों पर रोएं, आप बाबरी मस्जिद पर रोएं, इस रोने से कोई फायदा नहीं है। अगर आप वक्त रहते इस पर कार्रवाई कर लेतीं, आपको बहुत मौका मिला।
