नीस (फ्रांस), 14 जून (आईएएनएस)। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रविवार को नीस में ‘भारत इनोवेट्स’ कार्यक्रम में बदलते भारत की तस्वीर पेश की। फ्रांस के साथ रिश्तों की अहमियत समझाई, स्टार्टअप क्रांति की खूबियां गिनाईं और बदलते भारत की खूबसूरत तस्वीर पेश की। जानते हैं उनके संबोधन की दस बड़ी बातें।
प्रधानमंत्री मोदी ने इस पहल को गौरवान्वित करने वाला पल बताया। उन्होंने कहा कि वे गर्व से कह सकते हैं कि ये इनिशिएटिव उसी दिशा में एक कदम है। भारत इनोवेट्स का ये मंच भारत के टैलेंट और यूरोपियन कैपिटल के बीच एक ब्रिज बन रहा है। एक ऐसा प्लेटफॉर्म जहां भारत के यंग माइंड्स को यूरोपियन एक्सपर्टीज से जुड़ने का अवसर मिल रहा है। आज 21वीं सदी का भारत बदलाव के एक बहुत बड़े दौर से गुजर रहा है। आज भारत में एक स्टार्टअप रिवॉल्यूशन हो रहा है।
पीएम के अनुसार, इस रिवॉल्यूशन में भारत का नौजवान एक नए माइंडसेट के साथ मानवता के हित में समस्याओं के समाधान ढूंढ रहा है। हमारे नौजवानों के वर्ल्ड क्लास सॉल्यूशन्स को वैश्विक मंच पर लाने का माध्यम ही है भारत इनोवेट्स।
उन्होंने भारत को स्टार्टअप्स का बड़ा केंद्र बताया। प्रधानमंत्री ने कहा कि कार्यक्रम में 100 से ज्यादा स्टार्टअप्स शामिल हैं, लेकिन भारत में 2 लाख से ज्यादा स्टार्टअप्स काम कर रहे हैं। ये स्टार्टअप्स भारत के साथ-साथ दुनिया की अर्थव्यवस्था और तकनीकी विकास में भी योगदान दे रहे हैं।
प्रधानमंत्री मोदी के मुताबिक देश की स्टार्ट अप क्रांति समस्याओं को सुलझाने में सहायक सिद्ध हो रही हैं। प्रधानमंत्री ने कहा कि भारत में स्टार्टअप क्रांति चल रही है। देश के युवा नई सोच के साथ लोगों की समस्याओं का हल निकाल रहे हैं। उन्होंने भारत को समाधान खोजने वाला कंज्यूमर नहीं बल्कि उसमें योगदान देने वाला देश बताया। बोले, “आज भारत, टेक्नोलॉजी प्रोवाइडर के रूप में उभार हो रहा है।”
भारत के पीएम ने कहा कि उन्हें पूरी उम्मीद है कि नई तकनीकें देश के भविष्य को बदलने का माद्दा रखती हैं। पीएम ने कहा कि दुनिया कई चुनौतियों से गुजर रही है, लेकिन हर चुनौती नए मौके भी लेकर आती है। एआई, क्वांटम कंप्यूटिंग, बायोटेक्नोलॉजी और अंतरिक्ष (स्पेस) तकनीक जैसी नई तकनीकें आने वाले समय में दुनिया का भविष्य तय करेंगी।
भारत-फ्रांस के रिश्ते को भी खास बताया। प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि भारत और फ्रांस का रिश्ता सिर्फ व्यापार या रणनीतिक साझेदारी तक सीमित नहीं है। यह भरोसे, साझा सोच और साझा लक्ष्यों पर आधारित है। दोनों देश मिलकर दुनिया की कई बड़ी चुनौतियों का समाधान खोजने की दिशा में काम कर रहे हैं।
दोनों देशों के बीच संबंधों के विजन पर प्रकाश डालते हुए उन्होंने आगे कहा, “दुनिया के देश एक-दूसरे के साथ व्यापार करते हैं, लेकिन कुछ रिश्ते ऐसे होते हैं जो एक सोच और विजन से आगे बढ़ते हैं। भारत और फ्रांस का रिश्ता भी ऐसा ही है। दोनों देशों के संबंध सिर्फ व्यापार या कूटनीति तक सीमित नहीं हैं, बल्कि साझा मूल्यों, भरोसे और भविष्य के लिए एक जैसी सोच पर आधारित हैं।”
प्रधानमंत्री ने कहा कि हर तकनीकी क्रांति, मानवता को एक नया अवसर देता है। और हर अवसर, एक नई जिम्मेदारी भी लेकर आता है। आज दुनिया ऐसी तकनीकों की ओर देख रही है, जो विश्वसनीय हों, जो समावेशी हों, और मानव केंद्रित हों, और जिसका लक्ष्य ग्लोबल गुड का हो। और ऐसे समय में, भारत की प्राथमिकता है – टेक्नोलॉजी फॉर ह्युमैनिटी, ह्युमेन सेंट्रिक इनोवेशन (मानवता के लिए तकनीक, मानव केंद्रित नवाचार )।
इस दौरान पीएम ने एक खास मंत्र भी सुझाया। उन्होंने कहा कि हमारे एआई विजन का भी मूल तत्व है एआई सबके लिए, यानी सर्वजन हिताय, सर्वजन सुखाय। दिल्ली में आयोजित एआई इंपैक्ट समिट की थीम भी यही थी।
भारत इनोवेट्स मंच से भारत के डीएनए का भी जिक्र किया गया। पीएम मोदी ने कहा कि इनोवेशन भारत के डीएनए में बसा है। हजारों वर्षों से भारत ने अपने ज्ञान और इनोवेशन से दुनिया को नई दिशा दी है। गणित से लेकर खगोल विज्ञान तक, मेडिसिन से लेकर योग तक, भारत का योगदान सम्पूर्ण मानवता की प्रगति का आधार रहा है। आज हमने इसी विरासत को नई गति और नई दिशा दी है।

