सूरत, 5 जून (आईएएनएस)। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ‘विकसित गुजरात से विकसित भारत’ के संकल्प के तहत सूरत को एक बड़ी स्वास्थ्य सुविधा की सौगात देने जा रहे हैं। शहर के सिविल चार रास्ता क्षेत्र में करीब 232 करोड़ रुपए की लागत से निर्मित 220 बेड वाले अत्याधुनिक ईएसआईसी अस्पताल का वर्चुअल उद्घाटन जाएगा। इस अस्पताल के शुरू होने से लाखों श्रमिकों और उनके परिवारों को बेहतर और मुफ्त चिकित्सा सुविधाएं उपलब्ध होंगी।
अस्पताल प्रशासन के अनुसार, पहले यह अस्पताल 100 बेड का था, जिसे अब आधुनिक सुविधाओं से लैस 220 बेड के मल्टीस्पेशलिटी और रेफरल अस्पताल के रूप में विकसित किया गया है। इसके साथ ही यहां मेडिकल कॉलेज की सुविधा भी जोड़ी गई है।
ईएसआईसी अस्पताल के मेडिकल सुपरिटेंडेंट डॉ. विकल्प शास्त्री ने बताया कि सूरत क्षेत्र में करीब 3.80 लाख इंश्योर्ड पर्सन्स हैं। नए अस्पताल के संचालन से इन श्रमिकों और उनके आश्रित परिवारों को व्यापक स्तर पर स्वास्थ्य सेवाओं का लाभ मिलेगा।
अस्पताल की डीन इंचार्ज डॉ. बिंदी भटियानी ने बताया कि यह संस्थान पूरी तरह श्रमिकों और उनके परिवारों के कल्याण को ध्यान में रखकर विकसित किया गया है। यहां मरीजों को दवाइयां मुफ्त उपलब्ध कराई जाएंगी। इसके अलावा मोतियाबिंद के ऑपरेशन से लेकर जटिल सर्जरी और इम्प्लांटेशन जैसी महंगी चिकित्सा प्रक्रियाएं भी निशुल्क की जाएंगी।
उन्होंने बताया कि श्रमिकों के बच्चों के लिए ईएसआईसी मेडिकल कॉलेज में प्रवेश की विशेष व्यवस्था भी की गई है, जिससे उन्हें चिकित्सा शिक्षा के बेहतर अवसर मिल सकें।
अस्पताल प्रबंधन के अनुसार, शुरुआती चरण में ओपीडी और इमरजेंसी सेवाएं शुरू की जा रही हैं। इसके बाद चरणबद्ध तरीके से मेडिसिन, जनरल सर्जरी, ऑर्थोपेडिक्स, बाल रोग, स्त्री एवं प्रसूति रोग, ईएनटी और नेत्र रोग विभागों की सेवाएं शुरू की जाएंगी।
अस्पताल को अत्याधुनिक तकनीक से लैस किया गया है। आने वाले समय में यहां सीटी स्कैन, एमआरआई, एडवांस अल्ट्रासाउंड, आईसीयू और सेकेंडरी व टर्शियरी केयर जैसी उन्नत चिकित्सा सुविधाएं भी उपलब्ध कराई जाएंगी।
अस्पताल प्रशासन ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का लक्ष्य समाज के आर्थिक रूप से कमजोर और जरूरतमंद वर्ग को गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराना है। यह अस्पताल उसी सोच को साकार करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।
प्रबंधन का मानना है कि यह संस्थान न केवल स्वास्थ्य सेवाओं के क्षेत्र में बल्कि मेडिकल शिक्षा के क्षेत्र में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा और भविष्य में श्रमिक परिवारों के लिए एक भरोसेमंद स्वास्थ्य केंद्र के रूप में उभरेगा।

