चेन्नई, 7 मई (आईएएनएस)। भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (सीपीआई) की तमिलनाडु राज्य कार्यकारिणी समिति ने तमिलनाडु के राज्यपाल से मांग की है कि सबसे बड़ा दल होने के नाते विजय की पार्टी टीवीके (तमिलगा वेट्री कझगम) को विधानसभा में बहुमत साबित करने का अवसर दिया जाना चाहिए।
सीपीआई की राज्य इकाई ने गुरुवार को जारी एक आधिकारिक बयान में कहा, “राज्यपाल को संविधान के अनुसार कार्य करना चाहिए। 23 अप्रैल को तमिलनाडु में हुए विधानसभा चुनावों में मतदाताओं ने कोई स्पष्ट जनादेश नहीं दिया, जिससे कोई भी एक पार्टी अकेले सरकार बना सके। हालांकि, लोगों ने ‘तमिलगा वेट्री कझगम’ (टीवीके) को 108 सीटें देकर सबसे बड़ी एकल पार्टी के रूप में चुना है। इसी आधार पर, टीवीके नेता विजय ने राज्यपाल से मुलाकात की और सरकार बनाने का दावा पेश किया। राज्यपाल का यह जोर देना उचित नहीं है कि टीवीके शपथ ग्रहण समारोह से पहले अपना बहुमत साबित करे।”
अपने बयान में सीपीआई ने कहा, “सबसे बड़ी एकल पार्टी होने के नाते संविधान के अनुसार, राज्यपाल को टीवीके को विधानसभा के पटल पर अपना बहुमत साबित करने के लिए समय देना चाहिए। सर्वोच्च न्यायालय ने भी कई निर्णयों में (जिनमें एसआर बोम्मई मामला भी शामिल है) इस सिद्धांत की पुष्टि की है।”
बयान में कहा गया है कि सभी कारकों को ध्यान में रखते हुए भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी की तमिलनाडु राज्य कार्यकारिणी समिति तमिलनाडु के राज्यपाल से अपील करती है कि वे टीवीके को विधानसभा में अपना बहुमत साबित करने का अवसर प्रदान करें और इस प्रकार कार्य करें, जिससे संविधान की भावना और सर्वोच्च न्यायालय के निर्णयों का सम्मान हो।
बता दें कि टीवीके 234-सदस्यीय राज्य विधानसभा में 108 सीटें जीतकर सबसे बड़ी पार्टी के रूप में सामने आई है। हालांकि, टीवीके बहुमत के लिए जरूरी 118 के आंकड़े को पार नहीं कर पाई। इस स्थिति में सरकार बनाने के लिए पार्टी को दूसरे दलों के विधायकों के समर्थन की जरूरत है।
विजय ने बुधवार शाम चेन्नई स्थित राजभवन में तमिलनाडु के राज्यपाल आरवी अर्लेकर (राजेंद्र विश्वनाथ अर्लेकर) से मुलाकात की और औपचारिक रूप से अगली सरकार बनाने का दावा पेश किया। इस मुलाकात के दौरान विजय ने कथित तौर पर 113 समर्थक विधायकों की एक सूची सौंपी, जिसमें टीवीके के 108 विधायक और कांग्रेस के पांच विधायक शामिल थे, जिन्होंने पार्टी को अपना समर्थन दिया था।
हालांकि, सूत्रों ने बताया कि राज्यपाल अर्लेकर ने विजय को सूचित किया कि सरकार बनाने के लिए आमंत्रित किए जाने से पहले उन्हें कम से कम 118 विधायकों के समर्थन की जरूरत होगी। इससे तमिलनाडु में नई सरकार के गठन में देरी हो रही है।

