चेन्नई, 15 जून (आईएएनएस)। अम्मा मक्कल मुनेत्र कजगम (एएमएमके) के महासचिव टीटीवी दिनाकरन ने तमिलनाडु में महिलाओं और बच्चों के खिलाफ बढ़ते यौन अपराधों को लेकर मुख्यमंत्री जोसेफ विजय की आलोचना की है।
दिनाकरन ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर जारी बयान में कहा कि विकास कार्यों को लागू करने के लिए समय मांगना तो ठीक हो सकता है, लेकिन बिगड़ती कानून-व्यवस्था को संभालने के लिए सरकार को तुरंत और युद्धस्तर पर कदम उठाने चाहिए। उन्होंने पिछले दो दिनों की दुखद घटनाओं का जिक्र किया, जिनमें शिवगंगा में एक आर्म्ड रिजर्व महिला पुलिसकर्मी, शंकरनकोविल के पास 10वीं कक्षा का छात्र, श्रीविल्लिपुथुर के पास स्कूल जाने वाली 9 साल की बच्ची और गुमिदिपुंडी के पास 3 साल की बच्ची के साथ रेप और हत्या (जिसकी लाश झाड़ियों में मिली थी) शामिल हैं।
दिनाकरन ने सवाल किया कि जनता से कब तक ऐसे भयानक अपराध सहने की उम्मीद की जा सकती है। उन्होंने मुख्यमंत्री विजय पर निशाना साधते हुए कहा कि सख्त कार्रवाई का वादा करने वाले फिल्मी और आक्रामक डायलॉग बोलने के बजाय मुख्यमंत्री को इन बार-बार हो रहे अत्याचारों के लिए ठोस जवाब देने और जिम्मेदारी लेने की जरूरत है।
इसके पहले 8 जून को भी दिनाकरन ने तमिलनाडु सरकार की प्रमुख औद्योगिक निवेशों को राज्य में बनाए रखने की क्षमता पर सवाल उठाया था। यह सवाल तब उठा जब खबरें आईं कि थूथुकुडी में 29,000 करोड़ रुपए की परियोजना के लिए पूर्व तमिलनाडु सरकार के साथ समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर करने वाली मझगांव डॉक शिपबिल्डर्स लिमिटेड (एमडीएल) ने अब आंध्र प्रदेश सरकार के साथ समझौता कर लिया है।
दिनाकरन ने कहा था कि यह घटनाक्रम गंभीर चिंता का विषय है और राज्य की औद्योगिक नीति और निवेश तंत्र पर सवाल खड़े करता है। अगर राज्य सरकार के साथ समझौते पर हस्ताक्षर करने वाली कंपनियां बाद में पड़ोसी राज्यों में निवेश करना चुनती हैं, तो तमिलनाडु की अर्थव्यवस्था कैसे विकसित हो सकती है?
दिनाकरन ने सरकार पर भी निशाना साधते हुए आरोप लगाया कि सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर मुख्यमंत्री सी. जोसेफ विजय, उद्योग मंत्री और बहुराष्ट्रीय निगमों के प्रतिनिधियों के बीच होने वाली बैठकों को अक्सर दिखाया जाता है, लेकिन इस बात की बहुत कम जानकारी उपलब्ध है कि क्या उन बैठकों के परिणामस्वरूप ठोस समझौते, निवेश या रोजगार सृजन हुए हैं।

