तमिलनाडु में बिजली विभाग को कर्ज से बाहर निकालने के लिए बड़े सुधार की जरूरत: मंत्री सीटीआर निर्मल कुमार

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चेन्नई, 19 मई (आईएएनएस)। तमिलनाडु के बिजली और कानून मंत्री सीटीआर निर्मल कुमार ने कहा कि राज्य का बिजली विभाग भारी कर्ज और कर्मचारियों की कमी से जूझ रहा है। सरकार अब विभाग में व्यापक सुधार कर उसे फिर से मजबूत और लाभकारी बनाने की दिशा में काम कर रही है।

मंत्री ने कहा कि फिलहाल विभाग में पहले चरण का निरीक्षण चल रहा है, जिसके जरिए मौजूदा स्थिति का आकलन किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि बिजली विभाग करीब 2.5 लाख करोड़ रुपए के कर्ज में डूबा हुआ है और इसे सुधारना सरकार की प्राथमिकता है।

उन्होंने पिछली डीएमके सरकार पर गंभीर अनियमितताओं और गलत प्रबंधन के आरोप लगाते हुए कहा कि कई मामलों को पहले ही सीबीआई को सौंपा जा चुका है। मंत्री के अनुसार, पिछली सरकार की नीतियों और भ्रष्टाचार के कारण विभाग लगातार कमजोर होता गया।

सीटीआर निर्मल कुमार ने कहा कि मुख्यमंत्री विजय के निर्देश पर बिजली बोर्ड को दोबारा मजबूत करने के लिए व्यापक बदलाव किए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि करोड़ों लोग रोजाना बिजली सेवाओं पर निर्भर हैं, इसलिए विभाग का पुनर्गठन बेहद जरूरी है।

मंत्री ने विभाग में कर्मचारियों की भारी कमी का भी मुद्दा उठाया। उन्होंने कहा कि वर्तमान में कर्मचारियों की संख्या 15 साल पहले के मुकाबले भी कम हो गई है। बिना पर्याप्त स्टाफ के विभाग को प्रभावी ढंग से चलाना संभव नहीं है।

उन्होंने कहा कि हर स्तर पर ऑडिट कराया जाएगा और जनता के हित में जरूरी सभी फैसले लिए जाएंगे। सरकार विभाग को आधुनिक और पारदर्शी बनाने की दिशा में काम कर रही है।

मंत्री ने दावा किया कि सरकार भ्रष्टाचार, दलाली और अनियमितताओं को खत्म कर सभी विभागों में सुधार लाने के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने कहा कि चुनाव से पहले किए गए वादों के अनुसार सरकार प्रशासनिक व्यवस्था को बेहतर बनाने की दिशा में लगातार काम कर रही है।