चेन्नई, 8 मई (आईएएनएस)। तमिलनाडु में सरकार गठन को लेकर सियासी हलचल तेज हो गई है। अम्मा मक्कल मुनेत्र कड़गम (एएमएमके) महासचिव टीटीवी दिनाकरन ने शुक्रवार को आधिकारिक तौर पर राज्यपाल राजेंद्र विश्वनाथ आर्लेकर को एक पत्र सौंपकर एडप्पाडी के पलानीस्वामी के नेतृत्व में एआईएडीएमके सरकार बनाने के दावे का समर्थन किया।
अपने पत्र में दिनाकरन ने स्पष्ट रूप से कहा कि वह एएमएमके के महासचिव के रूप में एडप्पाडी के पलानीस्वामी के तमिलनाडु में नई सरकार बनाने के दावे का पूर्ण समर्थन करते हैं। उन्होंने यह भी उल्लेख किया कि उनकी पार्टी के उम्मीदवार एस कामराज, जिन्होंने मन्नारगुड़ी विधानसभा क्षेत्र (167) से चुनाव लड़ा था, निर्वाचित होकर विधायक बने हैं और उन्होंने भी इस समर्थन पत्र पर हस्ताक्षर किए हैं।
दिनाकरन ने राज्यपाल से अनुरोध किया है कि एडप्पाडी के पलानीस्वामी को सरकार गठन के लिए आमंत्रित किया जाए और उन्हें तमिलनाडु के मुख्यमंत्री पद की शपथ दिलाई जाए। इस कदम को राज्य की राजनीति में एक महत्वपूर्ण घटनाक्रम के रूप में देखा जा रहा है, जो आगामी सत्ता समीकरणों को प्रभावित कर सकता है।
इससे पहले, अभिनेता-राजनेता और ‘तमिलगा वेत्री कझगम’ (टीवीके) के प्रमुख सी जोसेफ विजय ने शुक्रवार को कई विपक्षी दलों का समर्थन हासिल करने के बाद तमिलनाडु में सरकार बनाने का औपचारिक रूप से दावा पेश किया। 234 सदस्यों वाली विधानसभा में उनके गठबंधन की ताकत बहुमत के आंकड़े से ऊपर पहुंचने का दावा किया गया। विजय ने चेन्नई के राजभवन में तमिलनाडु के गवर्नर से मुलाकात की। इस दौरान उन्होंने सहयोगी पार्टियों और निर्दलीय समर्थकों के समर्थन पत्र सौंपे।
बता दें कि विधानसभा चुनाव में टीवीके 108 सीटें जीतकर सबसे बड़ी पार्टी के रूप में उभरी। हालांकि, शुरुआत में पार्टी 234 सदस्यों वाले सदन में सरकार बनाने के लिए जरूरी 118 सीटों के बहुमत के आंकड़े से पीछे रह गई थी। कांग्रेस पहली पार्टी थी, जिसने विजय को समर्थन दिया और उसके पांच नवनिर्वाचित विधायकों ने टीवीके प्रमुख का समर्थन किया।

