तनाव, कब्ज और कमर दर्द से राहत दिलाता है कुर्मासन, पेट की चर्बी कम करने में भी लाभकारी

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नई दिल्ली, 26 अप्रैल (आईएएनएस)। आज की भागदौड़ भरी जिंदगी में लोगों की दिनचर्या इतनी व्यस्त हो गई है कि तनाव, चिंता, कमर दर्द, कब्ज और थकान जैसी समस्याएं तेजी से बढ़ रही हैं। घंटों बैठकर काम करने, गलत खानपान और शारीरिक गतिविधियों की कमी का असर सीधे शरीर और मानसिक स्वास्थ्य पर पड़ता है।

ऐसे में योग शरीर को फिट रखने और मानसिक शांति के लिए एक महत्वपूर्ण तरीका बन चुका है। योग के कई ऐसे आसन हैं जो शरीर को अंदर से मजबूत बनाने में मदद करते हैं। इन्हीं में से एक है कुर्मासन, जिसे अंग्रेजी में टॉरटॉइज पोज, यानी कछुआ मुद्रा, कहा जाता है।

कुर्मासन संस्कृत के दो शब्दों से मिलकर बना है। इसमें ‘कुर्म’ का अर्थ कछुआ और ‘आसन’ का अर्थ मुद्रा से होता है। इस आसन में शरीर की मुद्रा कुछ हद तक कछुए जैसी दिखाई देती है। यह आसन व्यक्ति को तनाव से दूर करके भीतर की शांति से जोड़ने का काम करता है।

कुर्मासन का अभ्यास करने के लिए सबसे पहले दोनों पैरों को सामने की ओर फैलाए। फिर पैरों को थोड़ा दूर करके घुटनों को हल्का मोड़ लें। धीरे-धीरे सांस छोड़ते हुए शरीर को आगे की ओर झुकाए और दोनों हाथों को घुटनों के नीचे से बाहर की तरफ निकाले। इसके बाद शरीर को और नीचे झुकाकर छाती और ठुड्डी को जमीन के करीब लाने की कोशिश करें। इस दौरान सांस सामान्य रखें। कुछ देर इस स्थिति में रहने के बाद धीरे-धीरे वापस सामान्य अवस्था में आ जाए।

कुर्मासन शरीर को कई तरह से फायदा पहुंचाता है। यह आसन पीठ और रीढ़ की हड्डी में खिंचाव पैदा करता है, जिससे शरीर का लचीलापन बढ़ता है। लंबे समय तक बैठकर काम करने वाले लोगों के लिए यह आसन काफी लाभकारी माना जाता है, क्योंकि यह पीठ और कमर की जकड़न को कम करने में मदद करता है। इसके नियमित अभ्यास से रीढ़ की हड्डी में ब्लड सर्कुलेशन बेहतर होता है और शरीर में एनर्जी बनी रहती है।

कुर्मासन को पाचन तंत्र के लिए भी बेहद फायदेमंद माना जाता है। यह पेट की मांसपेशियों पर दबाव बनाता है, जिससे पाचन क्रिया बेहतर होती है। गैस, कब्ज और अपच जैसी समस्याओं में भी यह आसन राहत देने में मदद करता है। यह आसन पैंक्रियास को सक्रिय करने में मदद करता है, जिससे शरीर में इंसुलिन का संतुलन बेहतर हो सकता है। इसे मधुमेह से जूझ रहे लोगों के लिए भी लाभकारी माना जाता है।

मानसिक स्वास्थ्य के लिए भी कुर्मासन को बेहद प्रभावी योगासन माना जाता है। यह मन को शांत करने और तनाव कम करने में मदद करता है। लगातार चिंता और मानसिक दबाव महसूस करने वाले लोगों के लिए यह आसन राहत देने वाला साबित हो सकता है। इसका अभ्यास करने से एकाग्रता बढ़ती है और दिमाग शांत रहता है।

कुर्मासन करते समय सावधानी बरतना जरूरी है। जिन लोगों को घुटनों, कमर, कंधे या रीढ़ की हड्डी में दर्द की समस्या है, उन्हें यह आसन बिना विशेषज्ञ की सलाह के नहीं करना चाहिए। गर्भवती महिलाओं और गंभीर गठिया या सायटिका से पीड़ित लोगों को भी इससे बचने की सलाह दी जाती है।