नई दिल्ली, 6 जून (आईएएनएस)। टीबी (क्षय रोग) आज भी देश में एक स्वास्थ्य समस्या है। उपचार के दौरान दवाओं के साथ-साथ संतुलित और पोषण युक्त आहार का विशेष महत्व है। हेल्थ एक्सपर्ट के अनुसार, पौष्टिक भोजन मरीज के शरीर को जरूरी ऊर्जा और ताकत प्रदान करता है, रोग से लड़ने की क्षमता बढ़ाता है और जल्दी स्वस्थ होने में मदद करता है।
नेशनल हेल्थ मिशन (एनएचएम) के अनुसार, टीबी के इलाज के दौरान मरीज का शरीर काफी कमजोर हो जाता है। ऐसे में पौष्टिक आहार शरीर को ताकत देता है, रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाता है और संक्रमण से बचाव में सहायक होता है। हेल्थ एक्सपर्ट्स का कहना है कि दवाओं के साथ सही खानपान अपनाने से रिकवरी तेज होती है और इलाज का असर भी बेहतर आता है।
पौष्टिक आहार टीबी मरीज को न सिर्फ शारीरिक रूप से बल्कि मानसिक रूप से भी मजबूत बनाता है। मरीजों की थाली में अनाज और मिलेट्स, दालें और प्रोटीन, फल और सब्जियों (विशेषकर मौसमी) आदि को जरूर शामिल करें।
अनाज और मिलेट्स:- मक्का, चावल, ज्वार, बाजरा और गेहूं जैसे अनाज ऊर्जा का मुख्य स्रोत हैं। ये शरीर को लंबे समय तक ऊर्जा देते हैं।
दालें और प्रोटीन:- मटर, बीन्स, मसूर, चना, राजमा और अन्य दालें प्रोटीन से भरपूर होती हैं। ये मांसपेशियों को मजबूत बनाती हैं और शरीर की मरम्मत में मदद करती हैं।
फल और सब्जियां:- मौसमी फल और हरी सब्जियां विटामिन, मिनरल्स और फाइबर प्रदान करती हैं, जो इम्युनिटी बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।
अन्य जरूरी चीजें:- पर्याप्त मात्रा में खाद्य तेल-घी, गुड़, दूध और दही का सेवन भी फायदेमंद है। पनीर या सोया को आहार में शामिल किया जा सकता है।
टीबी उपचार के दौरान ताजा और घर का बना भोजन खाएं। ज्यादा तला-भुना, जंक फूड और बाहर के खाने से पूरी तरह से सावधानी बरतें। दिन में कम से कम 3 समय का पौष्टिक भोजन और बीच-बीच में हेल्दी स्नैक्स लें। भरपूर पानी पिएं और डॉक्टर की सलाह के अनुसार दवाएं समय पर लें।

