पुणे, 12 जून (आईएएनएस)। टीसीएस के 48 वर्षीय कर्मचारी अमित अभय ब्रह्मे की आत्महत्या के मामले में पुलिस ने जांच तेज कर दी है। मामले में मिले सुसाइड नोट के आधार पर तीन लोगों के खिलाफ केस दर्ज किया गया। पुलिस का कहना है कि मामले की जांच अभी शुरुआती चरण में है और सभी पहलुओं की गहनता से पड़ताल की जा रही है।
एसीपी सुधाकर यादव के अनुसार, अमित ब्रह्मे ने 2 जून को आत्महत्या कर ली थी। घटना के बाद पुलिस को मौके से एक विस्तृत सुसाइड नोट मिला, जिसमें उन्होंने आत्महत्या के लिए जिम्मेदार माने जाने वाले लोगों और परिस्थितियों का जिक्र किया है।
सुसाइड नोट में अमित ने टीसीएस में उनके साथ काम करने वाली दो महिला सहकर्मियों, अर्चना और श्वेता, पर गंभीर आरोप लगाए हैं। उन्होंने लिखा है कि दोनों सहकर्मी समय-समय पर उनका अपमान करती थीं और उन्हें लगातार धमकाया जाता था कि उनकी प्रोजेक्ट रेटिंग खराब कर दी जाएगी। अमित ने दावा किया कि कार्यस्थल पर उन्हें मानसिक रूप से प्रताड़ित किया जाता था।
नोट में यह भी जिक्र किया गया है कि जब उनके पिता गंभीर रूप से बीमार थे और उनकी पत्नी कैंसर जैसी गंभीर बीमारी से जूझ रही थीं, तब भी उन्हें छुट्टी लेने में काफी परेशानियों का सामना करना पड़ा। उन्होंने आरोप लगाया कि इस दौरान भी उन्हें मानसिक दबाव और प्रताड़ना झेलनी पड़ी।
अमित ब्रह्मे ने अपने एक मित्र विनोद पालिचा का भी जिक्र किया है। सुसाइड नोट के अनुसार, विनोद पालिचा ने टीसीएस प्रबंधन को उनके बारे में कथित रूप से गलत और भ्रामक ईमेल भेजे, जिससे उनकी छवि को नुकसान पहुंचा। इसके अलावा उन पर पुलिस में झूठी शिकायतें कराने की कोशिश करने का भी आरोप लगाया गया है।
एसीपी सुधाकर यादव ने बताया कि सुसाइड नोट में लगाए गए आरोपों के आधार पर भोसरी पुलिस स्टेशन में अर्चना, श्वेता और विनोद पालिचा के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 108 और 35 के तहत मामला दर्ज किया गया है। एफआईआर 9 जून को दर्ज की गई थी।
मृतक के परिवार में पत्नी (जो कैंसर से पीड़ित हैं), और एक बेटा है। पुलिस का कहना है कि मामले की निष्पक्ष जांच की जा रही है और तथ्यों के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

