लखनऊ, 5 मई (आईएएनएस)। पश्चिम बंगाल में तृणमूल कांग्रेस की हार को लेकर समाजवादी पार्टी के नेताओं ने भी भाजपा पर चुनाव आयोग से मिलीभगत कर जीतने का आरोप लगाया है। समाजवादी पार्टी के नेता एसटी हसन ने आरोप लगाया कि चुनाव आयोग निष्पक्ष चुनाव नहीं करा रहा है।
समाजवादी पार्टी के नेता एसटी हसन ने समाचार एजेंसी आईएएनएस से बातचीत करते हुए कहा, “अगर विपक्ष एकजुट नहीं होगा तो भाजपा को फायदा मिलता रहेगा। देश में सांप्रदायिक माहौल सभी चरम सीमाओं को पार कर जाएगा। पश्चिम बंगाल चुनाव के दौरान वोटों की चोरी हुई, 92 लाख वोट हटाए गए और इसके परिणामस्वरूप 32 लाख लोगों को उनके मताधिकार से वंचित किया गया। यह सब देखते हुए यह स्पष्ट हो गया था कि ममता दीदी सत्ता में वापस नहीं आ पाएंगी। चुनाव आयोग निष्पक्ष चुनाव नहीं करा रहा है। यह जीत भाजपा और चुनाव आयोग दोनों की है।”
समाजवादी पार्टी के नेता किरणमय नंदा द्वारा टीएमसी की हार का कारण भ्रष्टाचार और कुशासन बताने पर सपा प्रवक्ता फखरुल हसन चंद ने कहा, “अगर ऐसा कोई बयान दिया गया है तो यह उनका निजी बयान हो सकता है। अखिलेश यादव पहले ही कह चुके हैं कि चुनाव आयोग की भूमिका और चुनाव कराने का तरीका लोकतंत्र के लिए ठीक नहीं था। समाजवादी पार्टी का मानना है कि लोकतंत्र मजबूत रहना चाहिए। कुछ जगहों पर, खासकर बंगाल को लेकर सवाल उठते हैं। चुनाव आयोग की भूमिका और उसके बयानों पर गंभीर सवाल हैं। एजेंसियों के दुरुपयोग को लेकर कई मुद्दे और सवाल हैं।”
सपा प्रवक्ता चंद ने आगे कहा, “हर राजनीतिक दल को चुनाव लड़ने का अधिकार है और कांग्रेस ने भी वहां चुनाव लड़ा था। यह सच है कि समाजवादी पार्टी के प्रमुख अखिलेश यादव हमेशा से समान विचारधारा वाले दलों के एक साथ आने के पक्षधर रहे हैं। एक मंच पर एकजुट होकर चुनाव लड़ना चाहिए। इसके लिए उत्तर प्रदेश में अखिलेश यादव और समाजवादी पार्टी ने बड़े दिल से त्याग किया है, इसलिए कांग्रेस को भी बड़े दिल से चुनाव में उतरना चाहिए।”
वहीं, सांसद कृष्णा देवी पटेल ने कहा, “इस बार भी टीएमसी जीत कर सरकार बना सकती थी, लेकिन भाजपा ने धांधली करके और धोखाधड़ी से जीत हासिल की है। वहां भ्रष्टाचार नहीं था, जैसा कि भाजपा ने आरोप लगाया। भाजपा ने धोखाधड़ी से जीत हासिल की, लेकिन यह उत्तर प्रदेश में नहीं चलेगा। हम 2027 के लिए तैयार हैं और हमें विश्वास है कि समाजवादी पार्टी सरकार बनाएगी।”

