इस्तांबुल, 7 अप्रैल (आईएएनएस)। तुर्की की राजधानी इस्तांबुल में मंगलवार को इजरायली कॉन्सुलेट के पास गोलीबारी हुई। स्थानीय मीडिया के अनुसार कुछ लोग बंदूक लेकर पहुंचे और ताबड़तोड़ फायरिंग शुरू कर दी। पुलिस ने भी जवाब में गोली चलाई।
इलाके को सील कर दिया गया और बड़ी संख्या में पुलिस यूनिट्स को मौका-ए-वारदात पर भेजा गया।
इस्तांबुल के गवर्नर दावुत गुल ने कहा, “एक आतंकवादी मारा गया और दो घायल हो गए। हमारी पुलिस के उठाए गए कदमों की वजह से, कम नुकसान हुआ। मरने वालों की पहचान करने की कोशिशें जारी हैं। यह एक ऐसा काम था जिससे उकसावे की बू आ रही है।”
इससे पहले एक बयान में, इस्तांबुल पुलिस ने तीन संदिग्धों के मारे जाने की जानकारी दी थी।
रॉयटर्स के अनुसार इस गोलीबारी में 3 हमलावर मारे गए जबकि स्थानीय मीडिया ग्रुप्स के अनुसार 2 मारे गए। वारदात में दो पुलिसवाले भी घायल हुए हैं।
ब्रॉडकास्टर एनटीवी ने बताया कि एक बंदूकधारी को घायल हालत में पकड़ लिया गया, और दूसरा मारा गया। अपुष्ट खबरों के मुताबिक, संदिग्धों ने बिल्डिंग के पास तैनात पुलिस अधिकारियों पर गोली चलाई, जो एक खास बिजनेस हब में है और यहां बड़े तुर्की बैंकों का हेडक्वार्टर भी है।
अभी यह पता नहीं है कि हमलावरों ने कॉन्सुलेट को निशाना बनाया था या नहीं।
गवर्नर ने कहा कि हमलावरों ने इजरयाली कॉन्सुलेट पर हमला करने के लिए राइफल और बंदूकों का इस्तेमाल किया। वहीं, मंत्री अकिन गुरलेक ने कहा है कि इस मामले की जांच की जा रही है। अभी तक हमलावरों का मकसद पता नहीं चल पाया है।
इस्तांबुल में इजरायली कॉन्सुलेट के इर्द गिर्द ठीक-ठाक सुरक्षा व्यवस्था रहती है।
यह गोलीबारी ऐसे समय में हुई है जब ईरान के साथ इजरायल-यूएस संघर्ष चरम पर है। ऐसा तनाव जिससे पूरा खाड़ी क्षेत्र हिल गया है और पूरी दुनिया की एनर्जी सप्लाई पर असर पड़ा है।
28 फरवरी को ईरान पर यूएस-इजरायल ने मिसाइलें दागीं, जिसे अब यूएस राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप खत्म करना चाहते हैं, और उन्होंने ईरानियों को ऐसा करने के लिए “मंगलवार रात 8 बजे (वाशिंगटन समय, भारत में बुधवार 5.30 बजे)” तक की डेडलाइन दी है।

