प्रतापगढ़, 16 सितंबर (आईएएनएल)। यूनिफॉर्म सिविल कोड (यूसीसी) को लेकर एआईएमआईएम प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी की टिप्पणी पर प्रतापगढ़ से भाजपा विधायक राजेंद्र मौर्य ने प्रतिक्रिया दी। ओवैसी की टिप्पणी की आलोचना करते हुए उन्होंने कहा कि समान नागरिक संहिता का उद्देश्य देश के नागरिकों के लिए समान अधिकार और एक समान नागरिक व्यवस्था सुनिश्चित करना है। यूसीसी पूरे देश को एक सूत्र में बांधने की दिशा में महत्वपूर्ण कानून है और इसका स्वागत किया जाना चाहिए।
राजेंद्र मौर्य ने आईएएनएस से बातचीत में कहा कि यूसीसी को लेकर विरोध करने के बजाय इसके उद्देश्य को समझने की आवश्यकता है। भारत में सभी नागरिकों को संविधान के तहत समान अधिकार प्राप्त हैं और कानून भी इसी भावना के अनुरूप होना चाहिए। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और भाजपा का सिद्धांत ‘सबका साथ, सबका विकास’ है। सरकार का प्रयास देश के सभी लोगों तक समान रूप से सुविधाएं और अधिकार पहुंचाने का है। ऐसे में यूसीसी को भी इसी व्यापक दृष्टिकोण के हिस्से के रूप में देखा जाना चाहिए।
उन्होंने कहा कि किसी व्यक्ति का धर्म कुछ भी हो, सभी नागरिकों के लिए समान अधिकार और समान नागरिक नियम होने चाहिए। यूसीसी को संविधान की मूल भावना के अनुरूप लागू किए जाने की बात कही जा रही है और इसका उद्देश्य किसी एक समुदाय को अलग तरीके से देखने के बजाय समान नागरिक व्यवस्था स्थापित करना है।
असदुद्दीन ओवैसी की ओर से यूसीसी के विरोध में दिए गए बयान पर भाजपा विधायक ने कहा कि उन्हें किसी भी मुद्दे पर सार्वजनिक टिप्पणी करने से पहले उसके व्यापक प्रभाव और संवैधानिक पक्ष पर विचार करना चाहिए। उन्होंने ओवैसी के लिए कहा कि उन्हें ‘सद्बुद्धि’ मिले और वे यूसीसी के उद्देश्य को समझें। यूसीसी ऐसा कानून है, जिसे वे पूरे देश को एक सूत्र में बांधने वाला मानते हैं। अलग-अलग समुदायों के लिए अलग-अलग नागरिक प्रावधानों के बजाय समान नागरिक व्यवस्था की दिशा में आगे बढ़ना संविधान की मूल भावना से जुड़ा विषय है।
भाजपा विधायक ने संविधान निर्माता डॉ. भीमराव आंबेडकर का उल्लेख करते हुए कहा कि देश का संविधान सभी नागरिकों के अधिकारों और समानता की भावना को आधार देता है। उनके मुताबिक, UCC को इसी संवैधानिक भावना के अनुरूप देखा जाना चाहिए। यह समझना जरूरी है कि यूसीसी का उद्देश्य किसी गैर-हिंदू या किसी अन्य समुदाय के अधिकारों को कम करना नहीं, बल्कि सभी नागरिकों के लिए एक समान नागरिक अधिकार और नियम सुनिश्चित करना है।
