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उज्जैन में 25 मंदिर हटे, किसी ने विरोध नहीं किया, मस्जिद पर हंगामा क्यों?: संतोष शर्मा

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उज्जैन, 28 सितंबर (आईएएनएस)। मध्य प्रदेश के उज्जैन में सड़क चौड़ीकरण को लेकर हुए विवाद के बीच विश्व हिंदू परिषद (वीएचपी) नेता संतोष शर्मा ने पथराव करने वालों और विकास कार्यों में बाधा डालने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की। उन्होंने शाही मस्जिद की उम्र और उससे जुड़े दस्तावेजों की जांच कराने की मांग करते हुए प्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव से मामले में दखल देने की अपील की।

संतोष शर्मा ने आईएएनएस से बातचीत में कहा कि उज्जैन में सड़क चौड़ीकरण के दौरान प्रशासन ने कोयला फाटक से छत्रिपुरा चौक तक करीब 25 मंदिरों को विस्थापित या पुनर्विस्थापित किया है। सनातन समाज ने विकास के लिए प्रशासन का पूरा साथ दिया और 200-300 वर्ष पुराने मंदिरों को हटाकर दूसरी जगह पुनर्विस्थापित किए जाने का भी विरोध नहीं किया। लेकिन, जब सड़क चौड़ी करने के लिए एक मस्जिद का करीब 9 फीट हिस्सा हटाने की बात आई तो विरोध शुरू हो गया। इसके बाद पत्थरबाजी हुई, जिसमें प्रशासन के लोगों को चोट लगी। सब इंस्पेक्टर पुष्पा और प्रशासन से जुड़े अन्य लोग भी घायल हुए।

वीएचपी नेता ने प्रशासन से शाही मस्जिद की उम्र और उससे जुड़े दस्तावेजों की जांच कराने की मांग की। उन्होंने कहा कि यह जांच होनी चाहिए कि मस्जिद कितने वर्ष पुरानी है, उसके मूल दस्तावेज क्या हैं और वह कितने क्षेत्रफल में स्थापित है। साथ ही, उन्होंने मस्जिद से जुड़े भूमि और अतिक्रमण के आरोपों की भी जांच की मांग की।

संतोष शर्मा ने कहा कि यदि विकास कार्य के लिए पुराने मंदिरों को पुनर्विस्थापित किया जा सकता है तो सड़क चौड़ीकरण के लिए मस्जिद का कुछ हिस्सा हटाने पर विरोध नहीं होना चाहिए। उन्होंने आरोप लगाया कि कुछ लोग विकास कार्यों में बाधा डालकर उज्जैन में तनाव का माहौल बनाने का प्रयास कर रहे हैं।

उन्होंने खड़े हनुमान मंदिर का जिक्र करते हुए कहा कि प्रशासन द्वारा उसे हटाकर पुनर्विस्थापित करने की बात पर सनातन समाज ने सहमति दिखाई। यह मंदिर पौराणिक और हजारों वर्ष पुराना माना जाता है, जबकि शाही मस्जिद 100 वर्ष पुरानी भी नहीं है। संतोष शर्मा ने कहा कि विकास कार्यों के दौरान प्रशासन के साथ सहयोग होना चाहिए। पथराव या हिंसा का रास्ता नहीं अपनाया जाना चाहिए। उन्होंने विकास में रुकावट डालने वालों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की।

मुख्यमंत्री मोहन यादव से मामले में हस्तक्षेप करने की अपील करते हुए संतोष शर्मा ने कहा कि अब विकास कार्य को आगे बढ़ाने के लिए प्रशासन को सख्त कदम उठाने चाहिए। उन्होंने मुख्यमंत्री की भूमिका की तुलना क्रिकेट मैच से करते हुए कहा कि बल्ला और गेंद मुख्यमंत्री के हाथ में है और अब विकास के लिए जरूरी कार्रवाई करते हुए रास्ता साफ करना होगा।