उज्ज्वल निकम ने महिला आरक्षण को बताया ऐतिहासिक कदम, बोले-विपक्ष की वोट बैंक वाली सोच गलत

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मुंबई, 11 अप्रैल (आईएएनएस)। देश के जाने-माने वकील और भाजपा के राज्यसभा सदस्य उज्ज्वल निकम ने महिला आरक्षण विधेयक पर अपनी राय रखी। उन्होंने दावा किया इस विधेयक से बड़ा बदलाव आएगा। इसके साथ ही विपक्ष पर राजनीति करने का आरोप लगाया।

सांसद उज्ज्वल निकम ने आईएएनएस में बातचीत में कहा, “भारत विश्व में सबसे अधिक जनसंख्या वाला देश है। इसकी जनसंख्या लगभग 1.45 अरब है। हमारी जनसंख्या चीन से भी अधिक है। क्या हमारे देश में पुरुषों और महिलाओं को समान अधिकार प्राप्त हैं? दुर्भाग्य से नहीं। इसीलिए हमारे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का मानना ​​है कि जहां महिलाओं की पूजा की जाती है, जहां उनका सम्मान किया जाता है, वहीं ईश्वर का वास होता है। यही हमारी संस्कृति कहती है। इसीलिए जब देश की जनसंख्या का 50 फीसदी हिस्सा महिलाएं हैं, तो उनको वह अधिकार क्यों नहीं मिलना चाहिए, जो डॉ. बाबासाहेब अंबेडकर ने उन्हें दिए हैं? इसीलिए नरेंद्र मोदी सरकार यह कानून लाना चाहती है। मुझे लगता है कि इससे हमारे देश में बहुत बड़ा बदलाव आएगा। इस विधेयक के लागू होने से महिलाएं अपनी और बच्चों के स्वास्थ्य, शिक्षा सहित अन्य मुद्दों पर आवाज उठा सकेंगी।”

आरक्षण बिल को लेकर विपक्ष द्वारा सवाल उठाए जाने पर उज्ज्वल निकम ने कहा, “विपक्षी नेता डरे हुए हैं। उन्हें लगता है कि महिलाओं को ऐसे अधिकार मिलने के बाद सभी महिलाएं मोदी सरकार को वोट देंगी। ऐसा कुछ नहीं है। आज महिलाएं भी आत्मनिर्भर हैं। हमारे देश की महिलाएं भी आज सेना में हैं। क्या आप यह कहकर उनकी सोच पर सवाल उठा रहे हैं? क्या आपने देखा है कि अमेरिका में 100 सीनेटरों में से केवल 26 महिलाएं (30 फीसदी) हैं। इंग्लैंड में 650 सांसद में से 262 महिलाएं हैं यानी 40 फीसदी हिस्सेदारी है। हमारी लोकसभा में 543 सांसद हैं, इनमें सिर्फ 74 महिलाएं हैं यानी 13.6 फीसदी हिस्सेदारी है। इसलिए विपक्ष का आरक्षण बिल का विरोध करना गलत है।”

उज्ज्वल निकम ने आगे कहा, “डॉ. बाबासाहेब अंबेडकर ने स्पष्ट रूप से बताया था कि किसे और किन विशिष्ट क्षेत्रों में आरक्षण मिलना चाहिए। मोदी सरकार का मानना ​​है कि महिलाओं को पूर्ण प्रतिनिधित्व मिलना चाहिए।”