नई दिल्ली, 2 अगस्त (आईएएनएस)। कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 में शनिवार को भारत की महिला बॉक्सर लवलीना बोरगोहेन ने सिल्वर मेडल अपने नाम किया। लवलीना ने अपना यह मेडल असम में बाढ़ पीड़ितों को समर्पित किया, जिसको लेकर उनके पिता टिकेन बोरगोहेन ने खुशी जाहिर की है।
लवलीना को फाइनल मुकाबले में ऑस्ट्रेलिया की बॉक्सर अमासो ग्रीनटी के खिलाफ 1-4 से हार का सामना करना पड़ा। हालांकि, यह लवलीना का कॉमनवेल्थ गेम्स में पहला मेडल रहा। लवलीना के पिता ‘आईएएनएस’ के साथ बात करते हुए बेटी की सफलता पर गदगद नजर आए। उन्होंने कहा, “लवलीना फाइनल में ऑस्ट्रेलियाई बॉक्सर से हार गईं, लेकिन हमें उनके सिल्वर मेडल जीतने पर बहुत खुशी है। यह कॉमनवेल्थ गेम्स में उनका पहला मेडल था इस वजह से हमें काफी खुशी है।”
भारतीय महिला बॉक्सर के पिता ने बताया कि लवलीना ने कॉमनवेल्थ गेम्स के दौरान ही उनसे कहा था कि जितना हो सके असम में बाढ़ पीड़ितों की मदद कीजिए। टिकेन बोरगोहेन ने बताया कि वह लवलीना अकादमी की तरफ से बाढ़ पीड़ितों की लगातार मदद कर रहे हैं। लवलीना के पिता ने आगे कहा, “लवलीना ने अपना यह मेडल असम में बाढ़ पीड़ितों को समर्पित किया, जिस पर हमें बहुत गर्व महसूस हो रहा है।”
लवलीना के सिल्वर मेडल जीतने पर उन्हें प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु और मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा ने भारतीय महिला बॉक्सर को बधाई दी। इस पर लवलीना के पिता ने सभी के प्रति आभार जताया। उन्होंने बताया कि लवलीना से मैच के बाद कुछ देर बात हुई थी और वह सिल्वर मेडल जीतने से भी खुश हैं।
सिल्वर जीतने के बाद लवलीना ने स्कॉटलैंड के ग्लासगो में ‘आईएएनएस’ के साथ बात करते हुए कहा, “थोड़ी निराशा जरूर है। मैंने गोल्ड मेडल जीतने की पूरी कोशिश की, लेकिन मैं सिल्वर मेडल से भी खुश हूं, क्योंकि हमारी टीम ने गेम्स में जबरदस्त प्रदर्शन किया। मुझे अपनी टीम के प्रदर्शन की ज्यादा खुशी है। यह मेरा कॉमनवेल्थ गेम्स का पहला मेडल है, तो इसकी भी मुझे काफी खुशी है। देश के लिए गोल्ड ला पाती तो और अच्छा होता। मैं एशियन गेम्स के लिए तैयारी करूंगी और वहां गोल्ड जीतने का प्रयास करूंगी।”

