लखनऊ, 24 मई (आईएएनएस)। उत्तर प्रदेश के ऊर्जा एवं शहरी विकास मंत्री ए.के. शर्मा ने प्रदेश में बिजली व्यवस्था को लेकर विपक्ष और कुछ लोगों पर निशाना साधा है। उन्होंने कहा कि कुछ लोग जानबूझकर उत्तर प्रदेश को बदनाम करने का प्रयास कर रहे हैं, जबकि वास्तविकता यह है कि राज्य में बिजली की पहुंच और आपूर्ति के सबसे बेहतर स्तर पर है।
मंत्री ए.के. शर्मा सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर पोस्ट कर लिखा शनिवार रात उत्तर प्रदेश में बिजली की पीक डिमांड 30,395 मेगावाट थी। पहले जब बिजली सिर्फ पांच गांवों तक पहुंचती थी, तब किसी को समस्या नहीं लगती थी। अब जब पूरे राज्य में हर गांव और हर गली में 18 से 24 घंटे बिजली मिल रही है, तब छोटी-मोटी रुकावट को लेकर ‘बत्ती गुल’ और ‘बिजली संकट’ जैसी तस्वीरें बनाई जा रही हैं। यह राज्य और बिजली कर्मचारियों का अपमान है।”
एके शर्मा ने आंकड़ों के साथ स्थिति स्पष्ट की। उन्होंने बताया कि प्रदेश के 75 जिलों में लगभग 58,000 ग्राम पंचायतें और करीब 3 लाख गांव व बस्तियां बिजली से जुड़ी हुई हैं। साथ ही 762 शहरी स्थानीय निकायों, जिनमें 17 नगर निगम, 200 नगर पालिका परिषद और 545 नगर पंचायतें शामिल हैं, में भी लगातार बिजली आपूर्ति जारी है।
मंत्री ने स्वीकार किया कि कुछ गांवों और चार-पांच शहरों के कुछ मोहल्लों में समस्याएं आई थीं लेकिन उन्हें दो दिन पहले ही ठीक कर दिया गया है। उन्होंने कहा कि वे सभी 503 विधायकों व एमएलसी के संपर्क में रहते हैं और उनके सुझावों पर काम किया जा रहा है। हाल ही में पांच लोगों के सुझावों को सम्मान के साथ स्वीकार किया गया है।
एके शर्मा ने भीषण गर्मी और बढ़ी हुई बिजली मांग को चुनौती बताया। उन्होंने कहा कि कभी-कभी स्थानीय तकनीकी, प्राकृतिक या मानवीय कारणों से कुछ समस्याएं उत्पन्न हो जाती हैं, जिन्हें तुरंत ठीक किया जा रहा है। उन्होंने जनता से धैर्य और सहयोग की अपील की।

