लखनऊ, 20 अप्रैल (आईएएनएस)। उत्तर प्रदेश सरकार ने राज्य में धार्मिक पर्यटन को बढ़ावा देने के उद्देश्य से लखनऊ मंडल के लखीमपुर खीरी और गोरखपुर मंडल के कुशीनगर में कुल 18 पर्यटन विकास परियोजनाओं के लिए 1177 लाख रुपये की धनराशि स्वीकृत की है।
इन परियोजनाओं में धार्मिक स्थलों के सौंदर्यीकरण, आधारभूत सुविधाओं के विकास और श्रद्धालुओं के लिए बेहतर व्यवस्थाएं शामिल हैं। पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री जयवीर सिंह ने सोमवार को बताया कि वित्तीय वर्ष 2025-26 के तहत राज्य योजना में लखीमपुर खीरी की सात परियोजनाओं के लिए 483 लाख रुपये तथा कुशीनगर की 11 परियोजनाओं के लिए 694 लाख रुपये की मंजूरी दी गई है।
उन्होंने बताया कि लखीमपुर खीरी में स्वीकृत परियोजनाओं में मोहम्मदी क्षेत्र के ओछवानाथ शिव मंदिर के विकास के लिए 111 लाख रुपये, निघासन क्षेत्र के अंतर्वेद स्थल के लिए 81 लाख रुपये और गोला गोकर्णनाथ के चौसन्दे बाबा स्थान के लिए 96 लाख रुपये शामिल हैं। इसके अलावा अटकोनवा स्थित माता बेलहिया धाम (60 लाख रुपये), सम्पूर्णानगर के बालाजी मंदिर (20 लाख रुपये), देवकली तीर्थ मंदिर (70 लाख रुपये) और कस्ता क्षेत्र के बाबा गौरीशंकर बेहजम (45 लाख रुपये) के विकास के लिए भी धनराशि स्वीकृत की गई है।
मंत्री ने बताया कि कुशीनगर में रामकोला के राम जानकी मंदिर (73 लाख रुपये), हाटा के श्री राम जानकी मंदिर (67 लाख रुपये), फाजिलनगर के शंकर मंदिर (58 लाख रुपये) और पडरौना के बांसी नदी घाट (60 लाख रुपये) समेत विभिन्न स्थलों के विकास को मंजूरी दी गई है। इसके अतिरिक्त तमकुही राज के राम जानकी मंदिर घूरपट्टी (82 लाख रुपये), खड्डा के हड़ावा मंदिर (82 लाख रुपये) और कोक माता भुवनेश्वरी देवी मंदिर (65 लाख रुपये) सहित अन्य परियोजनाएं भी शामिल हैं। कई स्थानों पर बहुउद्देशीय हाल और आधारभूत संरचना के निर्माण का भी प्रावधान किया गया है।
जयवीर सिंह ने कहा कि इन परियोजनाओं के क्रियान्वयन के लिए लखीमपुर खीरी में यूपीएसटीडीसी और कुशीनगर में सीएनडीएस को कार्यदायी संस्था नामित किया गया है, जिन्हें गुणवत्ता और समयबद्धता के साथ कार्य पूरा करने के निर्देश दिए गए हैं।
उन्होंने कहा कि राज्य सरकार आस्था और विकास को साथ लेकर चलने की नीति पर काम कर रही है। धार्मिक स्थलों के सौंदर्यीकरण और सुविधाओं के विस्तार से न केवल श्रद्धालुओं को बेहतर अनुभव मिलेगा, बल्कि स्थानीय स्तर पर रोजगार के अवसर भी सृजित होंगे और राज्य के राजस्व में वृद्धि होगी। मंत्री ने कहा कि सरकार का लक्ष्य प्रदेश की धार्मिक और सांस्कृतिक विरासत को संरक्षित करते हुए पर्यटन को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाना है, ताकि आने वाली पीढ़ियां भी इन धरोहरों से जुड़ सकें।

