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मुंशी प्रेमचंद की पुण्यतिथि पर केंद्रीय मंत्री मनोहर लाल और सीएम योगी सहित कई नेताओं ने दी श्रद्धांजलि

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नई दिल्ली, 8 अक्टूबर (आईएएनएस)। उपन्यास ‘सम्राट’ मुंशी प्रेमचंद की पुण्यतिथि के अवसर पर उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ समेत कई नेताओं ने श्रद्धांजलि अर्पित की है। 8 अक्टूबर 1936 को उनका निधन हुआ था।

केंद्रीय आवास, शहरी मामलों और विद्युत मंत्री मनोहर लाल खट्टर ने सोशल मीडिया पोस्ट में लिखा, “हिन्दी साहित्य को अपनी अनुपम कृतियों से धन्य करने वाले महान कथाकार और उपन्यास सम्राट मुंशी प्रेमचंद की पुण्यतिथि पर उन्हें विनम्र श्रद्धांजलि अर्पित करता हूं। गोदान, गबन, निर्मला, नमक का दारोगा, कर्मभूमि जैसी आपकी अन्य अमूल्य रचनाएं सदैव साहित्य जगत की समृद्धि का सशक्त आधार रहेंगी।”

उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की ओर से सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट कर लिखा गया कि ‘कलम के सिपाही’ महान साहित्यकार मुंशी प्रेमचंद की पुण्यतिथि पर विनम्र श्रद्धांजलि। उनकी कलम ने किसान, श्रमिक और सामान्य जन के जीवन-संघर्षों को स्वर दिया तथा गांव व समाज की वास्तविक तस्वीर को अत्यंत सजीवता से अभिव्यक्त किया। मानवीय मूल्यों से ओत-प्रोत उनकी उत्कृष्ट रचनाएं साहित्य प्रेमियों और समाज के लिए सदैव प्रेरणा का स्रोत बनी रहेंगी।

उत्तर प्रदेश भाजपा अध्यक्ष पंकज चौधरी ने सोशल मीडिया पर लिखा, “उपन्यास सम्राट एवं महान कथाकार मुंशी प्रेमचंद की पुण्यतिथि पर भावपूर्ण श्रद्धांजलि। ‘गोदान’, ‘गबन’ और ‘ईदगाह’ जैसी कालजयी रचनाओं से उन्होंने समाज के वंचित वर्गों और ग्रामीण जीवन की सच्चाई को प्रभावी स्वर दिया। उनकी यथार्थवादी लेखनी सदैव साहित्य जगत को प्रेरित करती रहेगी।”

उत्तर प्रदेश के उपमुख्यमंत्री केशव मौर्य ने सोशल मीडिया पर लिखा, “सामाजिक विषमता और कुप्रथाओं पर अपनी कलम से करारी चोट करने वाले ‘उपन्यास सम्राट’ मुंशी प्रेमचंद की पुण्यतिथि उन्हें विनम्र श्रद्धांजलि। उनका साहित्य समाज की चेतना, नैतिक मूल्यों और मानवीय संवेदनाओं को स्वर देता है। उनकी रचनाएं आज भी हमें सही दिशा दिखाती हैं और समाज के प्रति संवेदनशील बनने की प्रेरणा देती हैं।”

मध्य प्रदेश के उपमुख्यमंत्री जगदीश देवड़ा ने सोशल मीडिया पोस्ट में लिखा, “हिंदी साहित्य के महान उपन्यासकार एवं कहानीकार, सामाजिक चेतना के सशक्त स्वर मुंशी प्रेमचंद की पुण्यतिथि पर कोटि-कोटि नमन। ‘गोदान’, ‘गबन’, ‘निर्मला’ और ‘कर्मभूमि’ जैसी कालजयी रचनाओं के माध्यम से उन्होंने समाज की वास्तविकताओं को शब्द दिए और साहित्य को जनसरोकारों से जोड़ा।”

दिल्ली सरकार के मंत्री मनजिंदर सिंह सिरसा ने सोशल मीडिया पर लिखा, “महान साहित्यकार एवं ‘उपन्यास सम्राट’ मुंशी प्रेमचंद की पुण्यतिथि पर सादर नमन। अपनी लेखनी के माध्यम से उन्होंने समाज की वास्तविकताओं, आम जन के संघर्षों और मानवीय संवेदनाओं को शब्द दिए। ‘गोदान’, ‘गबन’, ‘निर्मला’ और ‘कफन’ जैसी कालजयी रचनाएं आज भी समाज को आईना दिखाती हैं। हिंदी साहित्य को समृद्ध करने और साहित्य को जनजीवन से जोड़ने में उनका योगदान सदैव अविस्मरणीय रहेगा।”

राजस्थान के मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने सोशल मीडिया पोस्ट में लिखा, “महान कथाकार, साहित्यकार एवं उपन्यास सम्राट मुंशी प्रेमचंद की पुण्यतिथि पर उन्हें कोटि-कोटि नमन! हिंदी साहित्य में प्रेमचंद का योगदान अतुलनीय है। उनकी लेखनी ने आम जनजीवन की सच्चाइयों, संवेदनाओं और सामाजिक परिस्थितियों को प्रभावशाली स्वर दिया। उनकी अमर कृतियां साहित्य जगत को सदैव आलोकित करती रहेंगी और पाठकों को जीवन के मानवीय पक्ष से परिचित कराती रहेंगी।”

भाजपा के राज्यसभा सांसद संजय सेठ ने सोशल मीडिया पर लिखा, “हिंदी साहित्य के कालजयी रचनाकार मुंशी प्रेमचंद की पुण्यतिथि पर भावपूर्ण श्रद्धांजलि। अपनी कालजयी रचनाओं के माध्यम से समाज की सच्चाइयों, संघर्षों और मानवीय संवेदनाओं को शब्द देने वाले प्रेमचंद का साहित्य आज भी हमें सामाजिक सरोकारों और मानवीय मूल्यों के प्रति जागरूक करता है।”

उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने सोशल मीडिया पर लिखा, “सामाजिक सरोकार और मानवीय दृष्टि के माध्यम से हिंदी साहित्य को नई ऊंचाइयां प्रदान करने वाले महान साहित्यकार एवं उपन्यासकार मुंशी प्रेमचंद की पुण्यतिथि पर कोटिशः नमन। आपकी रचनाएं सदैव सामाजिक चेतना और नैतिकता का दीप प्रज्ज्वलित करती रहेंगी।”

हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सैनी ने लिखा, “हिंदी साहित्य के महान लेखक एवं ‘उपन्यास सम्राट’ मुंशी प्रेमचंद के स्मृति दिवस पर उन्हें कोटि-कोटि नमन। अपनी कालजयी रचनाओं के माध्यम से उन्होंने समाज की वास्तविकताओं, मानवीय संवेदनाओं और जीवन के विविध पक्षों को शब्द दिए। उनकी सशक्त लेखनी हिंदी साहित्य की अमूल्य धरोहर है, जो सदैव पाठकों और भावी पीढ़ियों को प्रेरित करती रहेगी।”