उपार्जन से कोई किसान न छूटे, सभी का पात्रता अनुसार गेहूं क्रय किया जाए: मंत्री विश्वास कैलाश सारंग

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भोपाल, 11 मई (आईएएनएस)। हरदा जिले के प्रभारी एवं सहकारिता मंत्री विश्वास कैलाश सारंग ने कहा कि समर्थन मूल्य पर गेहूं उपार्जन के जिले में सुव्यवस्थित इंतजाम रहें। कोई भी पात्र किसान गेहूं बेचने से न छूटे। उपार्जन केंद्रों पर किसानों को असुविधा न हो। जिले में उपार्जन कार्य की प्रतिदिन समीक्षा की जाए। जनजागरूकता कार्यक्रम चलाकर किसानों को आश्वस्त किया जाए कि उनके गेहूं की खरीदी अवश्य होगी।

मंत्री सारंग सोमवार को हरदा जिला कलेक्ट्रेट में जिला विकास सलाहकार समिति की बैठक की अध्यक्षता करते हुए संबोधित कर रहे थे। बैठक में केंद्रीय जनजातीय कार्य राज्य मंत्री दुर्गादास उइके, विधायक डॉ. आरके दोगने, जिला पंचायत अध्यक्ष गजेंद्र शाह, पूर्व कृषि मंत्री कमल पटेल, पूर्व विधायक टिमरनी संजय शाह सहित समिति के सदस्य उपस्थित थे।

मंत्री सारंग ने जिले में आगामी सीजन में सुगमता से उर्वरक की उपलब्धता सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। साथ ही उन्होंने कहा कि आगामी वर्ष से ग्राम पंचायत स्तर पर भी उर्वरक वितरण करने की योजना बनाई जा रही है, जिससे किसानों को सुगमता से उर्वरक उपलब्ध हो सकेगा। खनिज विभाग की समीक्षा करते हुए उन्होंने कहा कि जिले में कहीं भी खनिज का अवैध उत्खनन अथवा परिवहन न हो। खनिज का अवैध धंधा करने वालों में पुलिस का खौफ रहे। वे स्वयं इसका औचक निरीक्षण करेंगे। आगामी दो माह में वनभूमि से समस्त अतिक्रमण हटाने के निर्देश दिए गए। इसके अलावा शासकीय भूमि से आगामी तीन माह में सभी तरीके के अतिक्रमण हटाने के लिए अधिकारियों को पाबंद किया गया।

विश्वास कैलाश सारंग ने बैठक में विद्युत की सुचारू आपूर्ति के निर्देश दिए। साथ ही पशुपालन विभाग को जिले में दुग्ध उत्पादन बढ़ाने एवं नई समितियों का गठन करने के लिए निर्देशित किया गया। जल संसाधन विभाग अंतर्गत मूंग की फसल में सिंचाई के पानी की आपूर्ति की जानकारी ली गई।

स्कूल शिक्षा विभाग की समीक्षा के दौरान मंत्री ने कहा कि परीक्षा परिणामों में अपेक्षित सुधार लाया जाए। सांदीपनी स्कूलों के प्रारंभ होने के बाद शिक्षा व्यवस्था में हुए बदलाव का अध्ययन किया जाए। उन्होंने कहा कि सभी स्कूलों में बच्चों के अनियमित उपस्थिति के कारणों का भी विश्लेषण किया जाए। मंत्री ने निर्देश दिए कि सार्वजनिक अधोसंरचनाओं के लिए सुगम पहुंच मार्ग उपलब्ध रहें, यह भी सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने कहा कि विधायक एवं सांसद निधि से ग्रामीण क्षेत्रों में उपलब्ध कराए गए पानी के टैंकर ग्राम पंचायतों में ही खड़े हो, इस बात का भौतिक सत्यापन किया जाए।

सड़क निर्माण से संबंधित विभागों को प्रत्येक सड़क पर सड़क निर्माण का वर्ष, गारंटी की अवधि एवं ठेकेदार का नाम व मोबाइल नंबर अंकित करने के निर्देश दिए गए। मंडी निधि से निर्माणाधीन सड़कों में आ रही अड़चनों को चिन्हित कर हल करने के निर्देश दिए गए। जनजातीय कार्य विभाग अंतर्गत स्कूल प्रारम्भ होने के पूर्व छात्रावासों की स्थिति का निरीक्षण करने के लिये भी विभागीय अधिकारियों को पाबंद किया गया।

लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग को निर्देश दिए गए कि ग्रीष्मकाल के दौरान पेयजल की आपूर्ति सुचारू रहे। समस्यामूलक गांवों में पानी की समस्या हल करें। सड़क निर्माण से संबंधित विभागों को निर्देशित किया गया कि जो सड़कें खराब हो गई है, उनके उन्नयन के प्रस्ताव तैयार किए जाएं। प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना अंतर्गत सड़कों की गुणवत्ता का ध्यान रखा जाए। गारंटी अवधि में सड़कों का संधारण नहीं होने पर संबंधित ठेकेदार की नियमानुसार राशि राजसात की जाए। जो सड़के गारंटी से बाहर हो गई है, उनके उन्नयन के प्रस्ताव तैयार किए जाएं। आपूर्ति विभाग की समीक्षा के दौरान निर्देशित किया गया कि जिले में राशन वितरण से संबंधित उपभोक्ताओं को शिकायत न हो। इसी तरह स्वास्थ्य विभाग को जिले के सरकारी अस्पतालों की व्यवस्थाएं दुरुस्त रखने के लिए भी निर्देशित किया गया।