लखनऊ, 6 नवंबर (आईएएनएस)। प्रदेश में खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता, शुद्धता और सुरक्षित उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन (एफएसडीए) विभाग की ओर से चलाए जा रहे ‘शुद्ध ही शुभ है’ अभियान के सकारात्मक परिणाम सामने आने लगे हैं। अभियान के तहत जहां खाद्य सुरक्षा मानकों की गंभीर अनदेखी करने वाले प्रतिष्ठानों के खिलाफ कार्रवाई की गई, वहीं कमियां दूर करने वाले कारोबारियों को दोबारा व्यवसाय शुरू करने का अवसर भी दिया गया।
इसका उदाहरण है कि जिन 112 खाद्य प्रतिष्ठानों के लाइसेंस निलंबित किए गए थे, उनमें से 86 के लाइसेंस कमियां दूर करने और विभागीय सत्यापन में सुधार की पुष्टि होने के बाद बहाल कर दिए गए हैं। यह इस बात का प्रमाण है कि विभाग की मंशा केवल दंडात्मक कार्रवाई तक सीमित नहीं, बल्कि खाद्य कारोबारियों को निर्धारित मानकों के अनुरूप कार्य करने के लिए प्रेरित करना भी है। 17 सितंबर से शुरू हुए इस अभियान के तहत 5 नवंबर तक प्रदेशभर में कुल 3,035 निरीक्षण किए गए। 112 खाद्य प्रतिष्ठानों के लाइसेंस निलंबित किए गए, जबकि सुधार योग्य कमियां पाए जाने पर 1,752 सुधार सूचना नोटिस जारी किए गए।
विभागीय निर्देशों के अनुपालन में आवश्यक सुधार करने वाले 86 प्रतिष्ठानों के लाइसेंस निलंबन बहाल कर उन्हें फिर से कारोबार शुरू करने की अनुमति दे दी गई। इस तरह अभियान में कार्रवाई के साथ सुधार और अनुपालन को भी समान महत्व दिया जा रहा है। अभियान के दौरान खाद्य कारोबारियों को निर्माण, भंडारण और बिक्री की पूरी प्रक्रिया में निर्धारित खाद्य सुरक्षा मानकों का पालन करने के निर्देश दिए गए। प्रतिष्ठानों में साफ-सफाई, खाद्य पदार्थों के सुरक्षित भंडारण, कच्चे माल की गुणवत्ता, उत्पादन प्रक्रिया में स्वच्छता तथा अनुमन्य खाद्य सामग्री और एडिटिव्स के निर्धारित मात्रा में इस्तेमाल पर विशेष जोर दिया गया। कारोबारियों को अपनी कार्यप्रणाली की कमियों की पहचान कर उन्हें दूर करने और उपभोक्ताओं तक सुरक्षित खाद्य सामग्री पहुंचाने के लिए प्रेरित किया गया।
उदाहरण के तौर पर लखनऊ में बीकानेरवाला, चंपारण, मोतीमहल डीलक्स, क्लब जलवा और रेबेल फूड जैसे प्रतिष्ठानों ने आवश्यक सुधार कर फिर से कारोबार की अनुमति प्राप्त की। विभाग की इस पहल का उद्देश्य खाद्य कारोबार को नियमों के अनुरूप व्यवस्थित करना और ऐसी कार्यसंस्कृति विकसित करना है, जिसमें गुणवत्ता एवं स्वच्छता कारोबार का अनिवार्य हिस्सा बनें। लाइसेंस बहाल किए गए 86 प्रतिष्ठान इस बात का उदाहरण हैं कि विभागीय कार्रवाई के बाद कारोबारियों ने सुधार की दिशा में कदम उठाए और निर्धारित मानकों का अनुपालन सुनिश्चित किया। खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन विभाग की सचिव एवं आयुक्त डॉ. रोशन जैकब के अनुसार, ‘शुद्ध ही शुभ है’ अभियान का उद्देश्य किसी खाद्य कारोबारी का उत्पीड़न करना अथवा उसका कारोबार बंद कराना नहीं है।
विभाग चाहता है कि प्रदेश में खाद्य कारोबार से जुड़ा प्रत्येक व्यक्ति खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम के प्रावधानों और निर्धारित मानकों का पालन करे। उन्होंने कहा कि कमियां दूर करने के बाद 86 प्रतिष्ठानों के लाइसेंस बहाल होना अभियान का सकारात्मक परिणाम है। इन प्रतिष्ठानों ने अपनी कार्यप्रणाली में जरूरी सुधार किए और विभागीय परीक्षण एवं सत्यापन में मानकों का अनुपालन पाए जाने के बाद उन्हें दोबारा कारोबार की अनुमति दी गई। उन्होंने स्पष्ट किया कि विभाग सुधार का अवसर देने के पक्ष में है, लेकिन खाद्य पदार्थों में जानबूझकर मिलावट करने, प्रतिबंधित रसायनों का इस्तेमाल करने और आमजन के स्वास्थ्य से खिलवाड़ करने वालों के प्रति किसी तरह की नरमी नहीं बरती जाएगी। अभियान के दौरान ऐसे गंभीर मामलों में तीन प्राथमिकी दर्ज कराई गई हैं।
इसके अलावा नियमों के उल्लंघन और अधोमानक खाद्य सामग्री के मामलों में करीब 55.60 कुंतल खाद्य सामग्री जब्त की गई, जिसका अनुमानित मूल्य 1.41 करोड़ रुपये है। अभियान को व्यापक स्वरूप देते हुए उपभोक्ताओं के दैनिक जीवन और खाद्य आपूर्ति श्रृंखला से जुड़े लगभग सभी प्रमुख क्षेत्रों को इसके दायरे में शामिल किया गया है। इनमें फास्ट फूड चेन, रेस्टोरेंट, फूड कोर्ट, हेल्थ सप्लीमेंट्स एवं न्यूट्रास्यूटिकल्स के विनिर्माण और विक्रय प्रतिष्ठान, रेलवे एवं हवाई सेवाओं की कैटरिंग इकाइयां, फ्लाइट किचन, बेस किचन, वेयरहाउस तथा सरकारी चिकित्सालयों और मेडिकल कॉलेजों की कैंटीन एवं भोजनालय शामिल हैं। इसके साथ ही दूध एवं दुग्ध उत्पाद, पनीर, खोया, मिठाइयां, फल और अन्य मौसमी खाद्य पदार्थों के विनिर्माण एवं विक्रय प्रतिष्ठानों को भी अभियान में शामिल किया गया है।
ऑनलाइन खाद्य आपूर्ति से जुड़े डार्क स्टोर्स, वेयरहाउस और वितरण केंद्रों पर भी निगरानी रखी जा रही है। दीपावली जैसे त्योहारों के दृष्टिगत मिठाई निर्माण इकाइयों, रिटेल स्टोर्स और अस्थायी मिठाई निर्माण इकाइयों पर विशेष ध्यान दिया गया है, ताकि त्योहारों के दौरान भी उपभोक्ताओं को सुरक्षित एवं गुणवत्तापूर्ण खाद्य सामग्री उपलब्ध हो सके। दीपावली सहित अन्य त्योहारों के मद्देनजर आयुक्त डॉ. रोशन जैकब ने खाद्य कारोबारियों को राहत देते हुए 15 नवंबर तक नियमित प्रवर्तन कार्रवाई स्थगित रखने के निर्देश दिए हैं।
इस संबंध में प्रदेश के खाद्य कारोबारियों के लिए आवश्यक दिशा-निर्देश भी जारी किए गए हैं। हालांकि, इस अवधि में ‘शुद्ध ही शुभ है’ अभियान जारी रहेगा। विभाग का जोर खाद्य कारोबारियों को निर्धारित मानकों की जानकारी देने, उनकी कार्यप्रणाली में सुधार के लिए प्रेरित करने और सुरक्षित खाद्य व्यवस्था के प्रति जागरूकता बढ़ाने पर रहेगा। विभाग की ओर से खाद्य कारोबारियों और उपभोक्ताओं को जागरूक करने के लिए प्रिंट एवं सोशल मीडिया के माध्यम से समय-समय पर मार्गदर्शी जानकारियां, दिशा-निर्देश और जागरूकता सामग्री जारी की जा रही है। इसके तहत कारोबारियों को खाद्य पदार्थों में प्रयुक्त सामग्री (इंग्रेडिएंट्स), अनुमन्य खाद्य योजकों (फूड एडिटिव्स), उनके निर्धारित उपयोग, अधिकतम स्वीकार्य सीमा तथा स्वच्छता एवं भंडारण संबंधी मानकों की जानकारी दी जा रही है।
वहीं, उपभोक्ताओं को खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता, सुरक्षित उपयोग और खरीदारी के समय बरती जाने वाली आवश्यक सावधानियों के प्रति जागरूक किया जा रहा है। इसका उद्देश्य खाद्य सुरक्षा सुनिश्चित करने में उपभोक्ताओं की सक्रिय भागीदारी बढ़ाना भी है। विभाग के अनुसार सुरक्षित खाद्य व्यवस्था केवल सरकारी कार्रवाई से सुनिश्चित नहीं की जा सकती। इसके लिए प्रशासन, खाद्य कारोबारियों और उपभोक्ताओं की साझा जिम्मेदारी और सक्रिय सहभागिता जरूरी है।
