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    यूपीआई के जरिए पेंशन को हर व्यक्ति तक पहुंचाने की तैयारी, स्वास्थ्य और गारंटीड रिटर्न उत्पादों पर भी काम जारी: पीएफआरडीए चेयरमैन

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    मुंबई, 10 सितंबर (आईएएनएस)। देश की आर्थिक राजधानी मुंबई में आयोजित ‘ग्लोबल फिनटेक फेस्ट (जीएफएफ) 2026’ के दौरान पेंशन फंड विनियामक और विकास प्राधिकरण (पीएफआरडीए) के चेयरमैन शिवसुब्रमण्यम रमण ने गुरुवार को कहा कि भारत में पेंशन कवरेज का विस्तार करने के लिए तकनीक सबसे बड़ा माध्यम बनने जा रही है। उन्होंने बताया कि देश की बड़ी आबादी असंगठित क्षेत्र में काम करती है और नियमित वेतनभोगी नहीं है। ऐसे करोड़ों लोगों तक पेंशन की सुविधा पहुंचाने के लिए पीएफआरडीए ने एनपीएस तत्काल प्लेटफॉर्म विकसित किया है, जो यूपीआई-आधारित डिजिटल व्यवस्था पर काम करेगा।

    मीडिया से बात करते हुए उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने यूपीआई जैसी सरल और सुलभ पेंशन व्यवस्था की आवश्यकता पर जोर दिया था और उसी दिशा में एनपीएस तत्काल विकसित किया गया है, जिसके जरिए लोग मोबाइल फोन पर कुछ क्लिक के माध्यम से पेंशन खाता खोल सकेंगे और बाद में यूपीआई से सीधे अंशदान भी कर सकेंगे।

    रमण ने आगे बताया कि श्रम मंत्रालय के पास मौजूद ई-श्रम डेटाबेस इस अभियान में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा। यह एक प्रमाणित और व्यापक डेटाबेस है, जिसमें पेंशन खाता खोलने के लिए आवश्यक अधिकांश जानकारी पहले से उपलब्ध है।

    उन्होंने कहा कि पीएफआरडीए का लक्ष्य डेटाबेस में पंजीकृत श्रमिकों को सरल डिजिटल प्रक्रिया के माध्यम से पेंशन प्रणाली से जोड़ना है। इसके लिए बहुभाषी और उपयोगकर्ता-अनुकूल तकनीकी समाधान विकसित किए जा रहे हैं ताकि देश के अलग-अलग क्षेत्रों के लोग आसानी से इस सुविधा का लाभ उठा सकें।

    पीएफआरडीए चेयरमैन ने कहा कि गारंटीड रिटर्न-आधारित पेंशन उत्पाद विकसित करना प्राधिकरण की वैधानिक जिम्मेदारी का हिस्सा है। उन्होंने बताया कि सरकार ने सरकारी कर्मचारियों के लिए यूनिफाइड पेंशन स्कीम (यूपीएस) में गारंटी तंत्र को शामिल किया है, लेकिन गैर-सरकारी क्षेत्र के लिए सबसे बड़ी चुनौती गारंटी उपलब्ध कराने वाले संस्थागत ढांचे को विकसित करना है।

    उन्होंने बताया कि इस विषय पर विशेषज्ञ समिति काम कर रही है और विभिन्न विकल्पों पर विचार किया जा रहा है। पीएफआरडीए ऐसे कई उत्पादों पर काम कर रहा है जो भविष्य में गारंटीड रिटर्न योजनाओं का आधार बन सकते हैं।

    रमण ने बताया कि पीएफआरडीए ने ‘स्वास्थ्य’ नामक एक अभिनव उत्पाद विकसित किया है, जिसका प्रूफ ऑफ कॉन्सेप्ट सफल रहा है। इस योजना के लिए अंतिम दिशा-निर्देश जल्द जारी किए जाएंगे और अगले करीब 30 दिनों में इसे औपचारिक रूप से लॉन्च करने की तैयारी है।

    मीडिया से बातचीत में उन्होंने आगे कहा कि यह व्यवस्था लोगों को अपनी पेंशन बचत के साथ स्वास्थ्य सुरक्षा का अतिरिक्त लाभ देगी। यदि किसी व्यक्ति को अस्पताल में भर्ती होने की आवश्यकता पड़ती है, तो वह अपनी जमा राशि के साथ टॉप-अप स्वास्थ्य बीमा का लाभ भी उठा सकेगा। उन्होंने उदाहरण देते हुए कहा कि यदि कोई व्यक्ति 10,000 रुपए का अस्पताल खर्च स्वयं वहन करता है तो टॉप-अप बीमा योजना उसके ऊपर 80,000 से 90,000 रुपए तक का अतिरिक्त कवरेज प्रदान कर सकती है।

    उन्होंने बताया कि यदि किसी व्यक्ति को स्वास्थ्य खर्च की जरूरत नहीं पड़ती है तो उसकी जमा राशि बाजार रिटर्न के साथ बढ़ती रहेगी और सेवानिवृत्ति के समय बड़ा कोष तैयार होगा।

    वहीं इस बीच, सेबी की कार्यकारी निदेशक मनींदर चीमा ने आईएएनएस से बात करते हुए कहा कि भारत में बॉन्ड बाजार धीरे-धीरे खुदरा निवेशकों के बीच लोकप्रिय हो रहा है और ओबीपीपी (ऑनलाइन बॉन्ड प्लेटफॉर्म प्रोवाइडर्स) ने इसमें महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है।

    उन्होंने कहा कि 12 प्रतिशत या 14 प्रतिशत तक संभावित यील्ड वाले बॉन्ड निवेशकों को आकर्षित करते हैं, लेकिन निवेश से पहले जोखिमों को समझना भी जरूरी है। उन्होंने कहा कि तकनीक की मदद से निवेशकों को बॉन्ड की गुणवत्ता, रेटिंग, डिफॉल्ट जोखिम और अन्य पहलुओं की जानकारी आसानी से उपलब्ध कराई जा सकती है।

    चीमा ने आगे कहा कि अधिक रिटर्न के साथ अधिक जोखिम भी जुड़ा होता है, इसलिए खुदरा निवेशकों को किसी भी बॉन्ड में निवेश करने से पहले पूरी जानकारी प्राप्त करनी चाहिए और केवल उच्च ब्याज दर देखकर निवेश का निर्णय नहीं लेना चाहिए।