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‘यूपीआई के मुद्दे पर कांग्रेस जनता को गुमराह कर रही’, भाजपा नेताओं का पलटवार

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जयपुर, 16 सितंबर (आईएएनएस)। यूपीआई को लेकर कांग्रेस और भाजपा के बीच बयानबाजी तेज हो गई है। कांग्रेस ने आरोप लगाया है कि सरकार के नए फैसले से उपभोक्ताओं और व्यापारियों पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ पड़ सकता है। कांग्रेस सांसद राहुल गांधी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से यूपीआई पर लगाए गए शुल्क को वापस लेने की मांग की है। इसी बीच भाजपा नेताओं ने कांग्रेस पर इस मुद्दे को लेकर जनता को गुमराह करने का आरोप लगाया है।

राजस्थान भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष मदन राठौड़ ने कांग्रेस पर जनता को भ्रमित करने का प्रयास करने का आरोप लगाया।

उन्होंने आईएएनएस से बातचीत में कहा कि कांग्रेस पहले भी छोटे कर्मचारियों, रेहड़ी-पटरी वालों, ठेले वालों और छोटे टैक्सी ऑपरेटरों के बीच यह कहकर डर पैदा करने की कोशिश कर चुकी है कि उन पर सर्विस चार्ज लगाया जाएगा। छोटे लेन-देन पर अतिरिक्त शुल्क का असर नहीं पड़ेगा। बड़े लेन-देन के मामले में 0.4 प्रतिशत शुल्क का प्रावधान है, जबकि छोटे लेन-देन इससे प्रभावित नहीं होंगे।

यूसीसी के मुद्दे पर मदन राठौड़ ने कहा कि राजस्थान में इस संबंध में विधेयक पेश किया गया है। ‘एक देश, एक कानून’ होना चाहिए और सभी को समान अधिकार मिलने चाहिए। उन्होंने कांग्रेस पर इस मुद्दे पर भी भ्रम फैलाने का आरोप लगाया।

इसी बीच, भाजपा नेता जफर इस्लाम ने कहा कि अगर विपक्ष के पास लोगों को गुमराह करने के लिए कोई मुद्दा नहीं है, तो उन्होंने इसे मुद्दा बनाने की कोशिश की है। विपक्ष अच्छी तरह जानता है कि इसके दो पहलू हैं-पहला कंज्यूमर और दूसरा मर्चेंट। व्यक्ति से व्यक्ति यानी कंज्यूमर-टू-कंज्यूमर लेन-देन पर कोई शुल्क नहीं है। वहीं, व्यक्ति से व्यापारी को किए जाने वाले लेन-देन में 2,000 रुपए तक के भुगतान और छोटे व्यापारियों के लिए निर्धारित जीरो-एमडीआर व्यवस्था के तहत आने वाले लेन-देन पर शुल्क नहीं लगेगा। 96 प्रतिशत पी2एम लेन-देन भी प्रभावित नहीं होंगे।

उन्होंने बताया कि 2,000 रुपए से अधिक के निर्धारित व्यापारी लेन-देन पर 0.4 प्रतिशत एमडीआर लागू होगा। इंश्योरेंस, रेलवे टिकट और कुछ अन्य आवश्यक सेवाओं के लिए निर्धारित शुल्क भी व्यापारी स्तर पर लागू होगा। इस व्यवस्था का सीधा बोझ उपभोक्ता पर नहीं डाला जाएगा। लोगों को गुमराह करना ठीक नहीं है, जनता सबकुछ जानती है।