ग्रेटर नोएडा, 29 सितंबर (आईएएनएस)। उत्तर प्रदेश इंटरनेशनल ट्रेड शो (यूपीआईटीएस) 2026 का चौथा संस्करण मंगलवार को इंडिया एक्सपो सेंटर एंड मार्ट में संपन्न हो गया। 25 से 29 सितंबर तक चले पांच दिवसीय आयोजन में निवेश, कारोबार और अंतरराष्ट्रीय भागीदारी के नए आंकड़े सामने आए। ट्रेड शो के दौरान करीब 680 मिलियन अमेरिकी डॉलर यानी लगभग 6,500 करोड़ रुपये मूल्य के 4,400 समझौता ज्ञापनों (एमओयू) पर हस्ताक्षर किए गए। वहीं, आयोजन के दौरान प्राप्त बिजनेस इन्क्वायरी के आधार पर करीब 15,500 करोड़ रुपये के संभावित कारोबार का अनुमान लगाया गया है।
फेडरेशन ऑफ इंडियन एक्सपोर्ट ऑर्गनाइजेशंस (एफआईईओ) के आंकड़ों के मुताबिक, ट्रेड शो में कुल 41,500 बी2बी और व्यावसायिक बैठकें हुईं। इनमें 13,500 बैठकें रिवर्स बायर्स-सेलर्स मीट (आरबीएसएम) क्षेत्र में हुईं, जबकि मुख्य प्रदर्शनी क्षेत्र में करीब 28,000 कारोबारी संवाद दर्ज किए गए। इन बैठकों में देश-विदेश के खरीदारों ने उत्तर प्रदेश के उद्यमियों, निर्माताओं और निर्यातकों के साथ व्यापारिक संभावनाओं पर चर्चा की। पांच दिनों में ट्रेड शो में कुल 5,98,693 लोगों की आमद दर्ज की गई। इसमें 1,74,990 घरेलू बिजनेस बायर्स और 4,23,703 आम दर्शक शामिल रहे।
बड़ी संख्या में खरीदारों और दर्शकों की मौजूदगी ने प्रदेश के उत्पादों को व्यापक बाजार उपलब्ध कराने में भूमिका निभाई। यूपीआईटीएस-2026 में पिछले वर्ष की तुलना में प्रमुख कारोबारी पैमानों पर वृद्धि दर्ज की गई। वर्ष 2025 में 31,650 बी2बी बैठकें हुई थीं, जो इस बार 31.12 प्रतिशत बढ़कर 41,500 हो गईं। आरबीएसएम क्षेत्र में विदेशी खरीदारों के साथ हुई बैठकों में सबसे बड़ी वृद्धि दर्ज की गई। यह संख्या 6,050 से बढ़कर 13,500 हो गई, यानी करीब 123.1 प्रतिशत की बढ़ोतरी हुई। मुख्य प्रदर्शनी क्षेत्र में भी कारोबारी बैठकों में 9.38 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई।
एमओयू की संख्या भी पिछले वर्ष के 3,900 से बढ़कर 4,400 हो गई। इसमें 12.82 प्रतिशत की वृद्धि हुई। एमओयू के अनुमानित मूल्य में भी बड़ा इजाफा हुआ। वर्ष 2025 में 2,680 करोड़ रुपए के एमओयू हुए थे, जो इस बार बढ़कर करीब 6,500 करोड़ रुपए हो गए। वहीं, बिजनेस इन्क्वायरी से जुड़े संभावित कारोबार का अनुमान 12,500 करोड़ रुपए से बढ़कर 15,500 करोड़ रुपए हो गया। यूपीआईटीएस-2026 में इस बार अंतरराष्ट्रीय भागीदारी भी पिछले संस्करणों की तुलना में व्यापक रही। जहां पिछले संस्करण में रूस अकेला पार्टनर देश था, वहीं इस वर्ष रूस के साथ ऑस्ट्रिया, जापान, सिंगापुर, बेलारूस और वियतनाम समेत कुल छह देशों ने पार्टनर कंट्री के रूप में भाग लिया।
विदेशी प्रतिनिधिमंडलों और खरीदारों ने उत्तर प्रदेश के विनिर्माण, आईटी, इलेक्ट्रॉनिक्स, टेक्सटाइल और एग्री-फूड प्रोसेसिंग जैसे क्षेत्रों में रुचि दिखाई। इससे प्रदेश के कारोबारियों को विदेशी बाजारों और संभावित अंतरराष्ट्रीय साझेदारों के साथ सीधे संवाद का अवसर मिला। ट्रेड शो में ‘एक जिला, एक व्यंजन’ (ओडीओसी) योजना भी प्रमुख आकर्षण रही। प्रदेश के सभी 75 जिलों के पारंपरिक उत्पादों, शिल्प, हथकरघा, पीतल उत्पाद, कालीन, चमड़ा उद्योग और विशिष्ट कृषि उत्पादों को प्रदर्शित किया गया। विदेशी और घरेलू खरीदारों ने इन उत्पादों में रुचि दिखाई।
आयोजन के दौरान एमएसएमई, स्थानीय कारीगरों और निर्यातकों को अंतरराष्ट्रीय खरीदारों से सीधे संपर्क और संभावित ऑर्डर हासिल करने का अवसर मिला। इससे ट्रेड शो केवल प्रदर्शनी तक सीमित न रहकर कारोबारी संवाद और बाजार विस्तार का मंच बना।
यूपीआईटीएस-2026 के आंकड़े बताते हैं कि आयोजन के चौथे संस्करण में कारोबार, बी2बी संवाद, एमओयू और अंतरराष्ट्रीय भागीदारी के स्तर पर विस्तार हुआ। सरकार के अनुसार, ऐसे आयोजनों के माध्यम से उत्तर प्रदेश के स्थानीय उत्पादों और उद्यमियों को देश-विदेश के बाजारों से जोड़ने तथा प्रदेश की अर्थव्यवस्था को एक ट्रिलियन डॉलर की दिशा में आगे बढ़ाने के प्रयासों को गति मिल रही है।
