लखनऊ, 21 जुलाई (आईएएनएस)। उत्तर प्रदेश सरकार के मंत्री संजय निषाद ने कैबिनेट के फैसलों, नीट को लेकर विरोध-प्रदर्शन सहित कई मामलों पर प्रतिक्रिया दी है।
आईएएनएस से बातचीत करते हुए संजय निषाद ने कहा कि उत्तर प्रदेश को सर्वोत्तम प्रदेश बनाने के लिए, महिलाएं, नौजवान और किसान, सबके हितों की रक्षा संबंधी कई बिलों पर कैबिनेट ने मुहर लगाई है।
सीजेपी के प्रदर्शन पर सिंगर दिलजीत दोसांझ के बयान पर संजय निषाद ने कहा कि फिंगर से बटन दबाने से देश चलता है, सिंगर से नहीं। जब मतदाता आंदोलन में साथ रहे तब माना जाए कि देश में कुछ परिवर्तन होगा। लोकतांत्रिक ढंग से आंदोलन किया जाना चाहिए। जब यह आंदोलन तहसील और ब्लॉक स्तर तक जाए तब माना जाएगा कि यह आंदोलन समाज और देशहित में है।
सीजेपी के प्रदर्शन में पुलिसकर्मियों के घायल होने और एफआईआर दर्ज करने पर संजय निषाद ने कहा कि प्रशासन की ओर से अपना काम किया जा रहा है। आंदोलन हिंसक नहीं होना चाहिए। अगर आंदोलन हिंसक होगा, तो एफआईआर तो दर्ज ही किया जाएगा और दंडात्मक कार्रवाई की जाएगी। जब जेपी नड्डा ने मिलने का समय दे दिया, इसके बाद जबरदस्ती क्यों की गई? जो बातचीत से दूर हो सकता है, उसके लिए यह तरीका ठीक नहीं है।
जौहर यूनिवर्सिटी को लेकर संजय निषाद ने कहा कि पत्र लिखने से क्या होगा? जो वैध है वो वैध ही रहेगा और जो अवैध है वो अवैध ही रहेगा। वैधानिकता सदन और कैबिनेट में तय होता है। वैधानिकता देश का संविधान तय करता है।
बिहार में स्कूलों को भगवा रंग से रंगने को लेकर संजय निषाद ने कहा कि विपक्ष के पास ‘एसी’ और ‘पीसी’ के अलावा बचा क्या है? जब तक उनकी सरकारें थीं तो कोई रंग ही नहीं लगाया गया। कम से कम अब कोई रंग लगा है।
राम मंदिर चढ़ावा विवाद मामले पर संजय निषाद ने कहा कि जब राम मंदिर बन रहा था तब आस्था और अस्तित्व ही नहीं था, और अब कोई घटना घट गई है तो लोग ज्ञान वाले हो गए हैं। इसी को राजनीति कहते हैं। कानून अपना काम करेगा।

