नई दिल्ली, 18 अक्टूबर (आईएएनएस)। भारत के पूर्व सहायक कोच अभिषेक नायर का मानना है कि खराब फॉर्म के बाद भी निर्णायक पारी खेलने की संजू सैमसन की क्षमता के कारण युवा बल्लेबाज वैभव सूर्यवंशी को न्यूजीलैंड के खिलाफ आगामी टी20 इंटरनेशनल सीरीज में अपने मौके का इंतजार करना पड़ सकता है।
नायर ने यह भी बताया कि कैसे भारतीय टीम का कॉम्बिनेशन, खासकर बाएं-दाएं हाथ के बल्लेबाजों की जोड़ी की जरूरत, चयन के फैसले को प्रभावित कर सकती है। इसके साथ ही, उन्होंने फिन एलन का जिक्र करते हुए कहा कि वह अभिषेक शर्मा के सबसे तेज टी20 इंटरनेशनल शतक (भारतीय खिलाड़ी द्वारा) के रिकॉर्ड को चुनौती दे सकते हैं।
सैमसन के लगातार अच्छा प्रदर्शन न कर पाने की वजह से अक्सर भारतीय टी20 टीम में उनकी जगह को लेकर बहस छिड़ जाती है, जहां वैभव सूर्यवंशी को एक संभावित विकल्प के रूप में देखा जा रहा है। हालांकि, नायर का मानना है कि विकेटकीपर-बल्लेबाज संजू सैमसन में एक बड़ी पारी खेलकर पूरी चर्चा को बदलने की क्षमता है, जो उनके चयन के फैसले को और भी जटिल बना देती है।
नायर ने ‘जियोस्टार’ से कहा, “संजू लोगों की भावनाओं के साथ खेलते हैं, वह लगातार दो मैचों में रन नहीं बनाते, तो लोग सवाल उठाने लगते हैं कि ‘वैभव सूर्यवंशी को खेलना चाहिए, संजू सैमसन मौकों का फायदा नहीं उठा रहे हैं, हम कब तक इंतजार करेंगे?’ और ठीक उसी समय वह अचानक 80 रन बना देते हैं। संजू ऐसे खिलाड़ी हैं जो आपको बार-बार उन पर सवाल उठाने का मौका देंगे, और फिर एक बड़ी पारी खेलकर अपने मौकों का पूरा फायदा उठा लेंगे। इसलिए, ऐसे पल जरूर आएंगे जब उनकी जगह पर सवाल उठेंगे, लेकिन वैभव सूर्यवंशी को अभी इंतजार करना होगा।”
नायर ने कहा कि यह फैसला सिर्फ व्यक्तिगत प्रदर्शन तक सीमित नहीं है। टीम का संतुलन और मैनेजमेंट द्वारा तय किए गए नियम भी इसमें अहम भूमिका निभाते हैं। उन्होंने चयन में बार-बार बदलाव करने के संभावित नुकसानों की ओर इशारा करते हुए कहा कि भारत को अपने टीम कल्चर को बचाए रखना चाहिए, साथ ही यह भी सुनिश्चित करना चाहिए कि युवा खिलाड़ियों को सही समय पर मौके मिलें।
उन्होंने कहा, “किसी टीम के कल्चर के लिए एक कोच या कप्तान के तौर पर सही फैसले लेना बहुत जरूरी होता है। अगर आप बिना सोचे-समझे फैसले लेते हैं, तो इसका असर वैभव सूर्यवंशी के करियर पर तो पड़ेगा ही, लेकिन टीम के कल्चर पर इसका कहीं ज्यादा बुरा असर होगा। इस वजह से मेरी राय में सही फैसला यह होगा कि वैभव, अपने समय का इंतजार करो, तुम्हें भी मौके जरूर मिलेंगे।”
पूर्व भारतीय क्रिकेटर ने आगे कहा, “हो सकता है कि किसी ऐसी सीरीज में जिसमें संजू न खेल रहे हों या उन्हें आराम दिया गया हो, तब वैभव को खेलने का मौका मिले। हालांकि, जब तक टॉप ऑर्डर में और नंबर तीन पर बाएं हाथ के बल्लेबाज मौजूद हैं, तब तक आप यही चाहेंगे कि उनके बीच एक दाएं हाथ का बल्लेबाज भी हो। इसी कारण बात सिर्फ वैभव सूर्यवंशी या संजू सैमसन की नहीं है; बल्कि बात एक ऐसा ‘बाएं-दाएं कॉम्बिनेशन’ बनाने की है, ताकि ब्रेसवेल जैसे गेंदबाज पावरप्ले में आकर आसानी से अपने ओवर न निकाल सकें।”
इस बीच, नायर ने आने वाली सीरीज में न्यूजीलैंड के ओपनर फिन एलन को एक बड़ा खतरा बताया है, क्योंकि वहां के हालात उनके आक्रामक बल्लेबाजी अंदाज के अनुकूल हैं। एलन की पावर-हिटिंग छोटे मैदानों पर काफी असरदार साबित हो सकती है, जहां बाउंड्री पार करना आसान होता है।
नायर ने कहा, “न्यूजीलैंड के हालात में फिन एलन एक बेहद खतरनाक खिलाड़ी साबित हो सकते हैं, क्योंकि वहां बाउंड्री छोटी होती हैं। वहां के मैदानों का आकार, पिचें और उछाल उनके खेल के बिल्कुल अनुकूल हैं। वह ऐसे खिलाड़ी हैं कि अगर एक बार लय में आ जाएं, तो विरोधी टीम के लिए रन रोकना बहुत मुश्किल हो जाता है, क्योंकि वह चौकों से ज्यादा छक्के लगाते हैं।
नायर ने कहा कि एलन न्यूजीलैंड की कंडिशंस में अभिषेक शर्मा के 30 गेंदों में लगाए गए शतक के रिकॉर्ड को तोड़ने की क्षमता रखते हैं। उन्होंने कहा, “जब मैदान छोटे हों, तो ऐसा खिलाड़ी अक्सर बहुत तेजी से शतक बना सकता है, जैसा कि उन्होंने पहले भी किया है। इसी कारण मुझे लगता है कि ऐसा होना मुमकिन है। मैं यह नहीं कह रहा कि ऐसा होगा ही, लेकिन इसकी संभावना जरूर है।”
