Wednesday, August 19, 2026
SGSU Advertisement
Home राष्ट्रीय वन्यजीव संरक्षण अधिनियम का उल्लंघन करने वाले असामाजिक तत्वों के विरुद्ध वन...

वन्यजीव संरक्षण अधिनियम का उल्लंघन करने वाले असामाजिक तत्वों के विरुद्ध वन विभाग का कड़ा रुख

0
3

गांधीनगर, 19 अगस्त (आईएएनएस)। एशियाई सिंहों के संरक्षण एवं वन संपदा के जतन के लिए कटिबद्ध वन विभाग द्वारा असामाजिक तत्वों तथा वन्यजीव संरक्षण अधिनियम का उल्लंघन करने वालों के विरुद्ध कड़ा कानूनी अभियान शुरू किया गया है। वन एवं पर्यावरण मंत्री अर्जुन मोढवाडिया के निर्देश पर गिर पूर्व वन विभाग द्वारा पिछले 4 महीनों के दौरान अवैध गतिविधियों के विरुद्ध 75 अपराध दर्ज कर कुल 13.30 लाख रुपए से अधिक का दंड वसूला गया है।

इसके अलावा, वन विभाग द्वारा अभयारण्य क्षेत्र में अनधिकृत रूप से प्रवेश करने वालों के विरुद्ध 38 अपराध दर्ज कर नियमानुसार कार्रवाई करते हुए लगभग 7,76,400 रुपए का दंड लगाया गया है। इनमें वन्यजीवों के शिकार से संबंधित 8 अपराध दर्ज किए गए हैं। इनमें से हाल में 4 मामलों में अदालती कार्यवाही जारी है, जबकि अन्य 4 मामलों में दंडात्मक कार्रवाई करते हुए 2,20,000 रुपए का जुर्माना वसूला गया है।

वन विभाग की वैध अनुमति या ट्रांजिट पास के बिना लकड़ी की हेराफेरी करने वाले अपराधियों के विरुद्ध 16 अपराध दर्ज कर 3,03,000 रुपए का दंड वसूला गया है। अभयारण्य क्षेत्र की पर्यावरणीय शुद्धता बनाए रखने के लिए प्लास्टिक कचरा फेंकने तथा आरक्षित चारागाह में अवैध रूप से पशु चराने के मामले में 17 अपराध दर्ज कर 32,500 रुपए का दंड वसूला गया है।

गिर पूर्व वन विभाग द्वारा स्पष्ट चेतावनी दी गई है कि सिंह या किसी भी अन्य वन्यजीवों को प्रताड़ित करना, अवैध शिकार, प्रतिबंधित क्षेत्र में घुसना या वन संपदा की अवैध हेराफेरी जैसी गतिविधियों को किसी भी स्थिति में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा और इसमें लिप्त व्यक्तियों के विरुद्ध कानून के अनुसार कड़ी कार्रवाई की जाएगी।

वन विभाग द्वारा नागरिकों से अपील की गई है कि यदि आपके आसपास कोई व्यक्ति वन्यजीवों को प्रताड़ित करते, अवैध शिकार करते, प्रतिबंधित वन क्षेत्र में अनधिकृत प्रवेश करते या लकड़ी की चोरी जैसी अवैध गतिविधि करते हुए दिखाई दे तो इसकी तत्काल जानकारी निकटस्थ वन विभाग कार्यालय या स्टाफ को दें।

सोशल मीडिया पर सिंह या अन्य वन्यजीवों की प्रताड़ना, अवैध लायन शो/दर्शन, प्रतिबंधित क्षेत्र में प्रवेश या शिकार से संबंधित कोई रील, फोटो या वीडियो दिखाई दे, तो उसकी जानकारी भी तत्काल उपलब्ध कराने के लिए उप वन संरक्षक कार्यालय, गिर-पूर्व, अमरेली द्वारा अपील की गई है।