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वायुसेना प्रमुख एयर चीफ मार्शल अशुतोष दीक्षित ने रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह से की मुलाकात

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नई दिल्ली, 2 नवंबर (आईएएनएस)। भारतीय वायुसेना के 29वें प्रमुख, एयर चीफ मार्शल अशुतोष दीक्षित ने 2 नवंबर को नई दिल्ली में रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह से मुलाकात की। वायुसेना प्रमुख का पदभार संभालने के बाद रक्षा मंत्री के साथ उनकी यह पहली मुलाकात हुई। इस मुलाकात की जानकारी देते हुए रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने कहा कि उन्होंने नवनियुक्त वायुसेना प्रमुख एयर चीफ मार्शल अशुतोष दीक्षित से मुलाकात की। उन्होंने एयर चीफ मार्शल दीक्षित को एक विशिष्ट वायु योद्धा बताते हुए कहा कि वे अपने उत्कृष्ट नेतृत्व के लिए जाने जाते हैं।

रक्षा मंत्री ने एयर चीफ मार्शल अशुतोष दीक्षित को नए कार्यकाल के लिए शुभकामनाएं भी दीं। उन्होंने उम्मीद जताई कि एयर चीफ मार्शल अशुतोष दीक्षित का कार्यकाल अच्छा रहेगा। बता दें कि एयर चीफ मार्शल बनने के बाद अशुतोष दीक्षित को 1 नवंबर गार्ड ऑफ ऑनर दिया गया था। उन्होंने भारतीय वायुसेना के 29वें प्रमुख के रूप में पदभार संभाला है।

एयर चीफ मार्शल एपी सिंह के सेवानिवृत्त होने के बाद एयर चीफ मार्शल अशुतोष दीक्षित वायुसेना के नए चीफ बने हैं। इससे पहले वह वायुसेना के उप प्रमुख के पद पर कार्यरत थे। एयर चीफ मार्शल आशुतोष दीक्षित ने भारतीय वायुसेना के 29वें प्रमुख के रूप में कमान संभालने पर सम्मान और गर्व जताया था। उन्होंने राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री और रक्षा मंत्री का उन पर भरोसा जताने के लिए आभार व्यक्त किया था। उन्होंने निवर्तमान वायुसेना प्रमुख एयर चीफ मार्शल एपी सिंह का भी धन्यवाद किया।

उन्होंने कहा कि ऑपरेशन सिंदूर के दौरान एयर चीफ मार्शल एपी सिंह के नेतृत्व में वायुसेना ने दिखाया कि सटीक और निर्णायक हवाई शक्ति क्या कर सकती है। उन्होंने कहा कि एयर चीफ मार्शल एपी सिंह ने उन्हें पूरी तरह तैयार वायुसेना की कमान सौंपी है। इस बीच सोमवार को रक्षा मंत्रालय ने 8 युद्धपोतों के निर्माण और खरीद के लिए कुल 53,866.50 करोड़ रुपए के करार किए हैं।

इस पर राजनाथ सिंह ने कहा कि भारत के स्वदेशी जहाज निर्माण इकोसिस्टम के लिए यह एक बहुत अच्छी खबर है। भारतीय नौसेना के लिए ‘नेक्स्ट जनरेशन कोरवेट्स’ परियोजना, सार्वजनिक क्षेत्र के रक्षा उपक्रमों, निजी शिपयार्डों और एमएसएमई सहित भारतीय औद्योगिक साझेदारों के बीच सहयोग को मजबूत करेगी। इससे भारत के जहाज निर्माण क्षेत्र को एक बड़ा बढ़ावा मिलेगा।