नई दिल्ली, 8 मई (आईएएनएस)। नई दिल्ली में शुक्रवार को विदेश मंत्रालय की सचिव श्रीप्रिया रंगनाथन और यमन गणराज्य के विदेश राज्य मंत्री वलीद मोहम्मद अल-कादिमी के बीच हुई इस बैठक में दोनों देशों के पारस्परिक सहयोग, ऐतिहासिक संबंधों और आगे सहयोग बढ़ाने के अवसरों पर चर्चा की।
विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर लिखा, ”भारत और यमन के बीच दोस्ती के बंधन को और मजबूत बनाने की दिशा में विदेश मंत्रालय में सचिव श्रीप्रिया रंगनाथन और यमन गणराज्य के विदेश राज्य मंत्री वलीद मोहम्मद अल-कादिमी शुक्रवार को नई दिल्ली में मिले। उन्होंने भारत-यमन द्विपक्षीय संबंधों पर चर्चा की, जिनकी पहचान लोगों के बीच घनिष्ठ संबंधों और आपसी सहयोग के अधिक अवसरों से होती है।”
इस दौरान यमन के मंत्री ने ‘इंडियन ओशन डायलॉग’ के 10वें संस्करण में भी भाग लिया, जो क्षेत्रीय सहयोग और संवाद को मजबूत करने की दिशा में एक अहम मंच है।
भारत ने नई दिल्ली में दो दिवसीय ‘इंडियन ओशन डायलॉग’ के 10वें संस्करण का आयोजन किया। इस मंच पर हिंद महासागर क्षेत्र से जुड़े देशों के प्रतिनिधियों ने सुरक्षा, व्यापार, ब्लू इकोनॉमी और क्षेत्रीय सहयोग जैसे अहम मुद्दों पर चर्चा की।
यह संवाद विदेश मंत्रालय ने इंडियन काउंसिल ऑफ वर्ल्ड अफेयर्स (आईसीडब्ल्यूए) और इंडियन ओशन रिम एसोसिएशन (आईओआरए) सचिवालय के साथ मिलकर आयोजित किया। इसमें आईओआरए के सदस्य देशों और संवाद साझेदार देशों के वरिष्ठ अधिकारी, नीति-निर्माता, विद्वान और विशेषज्ञ शामिल हुए। सभी ने हिंद महासागर क्षेत्र से जुड़े अहम मुद्दों और नई चुनौतियों पर चर्चा की।
आईओडी, आईओआरए का एक प्रमुख ट्रैक 1.5 मंच है, जहां साझा रणनीतिक मुद्दों पर खुलकर और सकारात्मक तरीके से चर्चा होती है। इनमें समुद्री सुरक्षा, ब्लू इकोनॉमी, व्यापार और निवेश और टिकाऊ विकास जैसे विषय शामिल हैं। इससे पहले भारत इस संवाद के तीन संस्करण आयोजित कर चुका है। पहला 2014 में केरल में, छठा 2019 में नई दिल्ली में और आठवां 2021 में वर्चुअल तरीके से हुआ था।
इस बार का संवाद इसलिए भी खास रहा क्योंकि भारत ने 2025-27 के लिए आईओआरए की अध्यक्षता संभाली है। भारत ने फिर दोहराया कि वह शांतिपूर्ण, स्थिर और समृद्ध हिंद महासागर क्षेत्र के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। यह सोच भारत के ‘महासागर’ विजन (क्षेत्रों में सिक्योरिटी और ग्रोथ के लिए म्यूचुअल और होलिस्टिक एडवांसमेंट) और ‘नेबरहुड फर्स्ट पॉलिसी’ नीति से प्रेरित है।

