अबू धाबी, 14 अक्टूबर (आईएएनएस)। भारत के विदेश मंत्री डॉ. एस जयशंकर भारतीय समयानुसार बुधवार को अबूधाबी पहुंचे। संयुक्त अरब अमीरात के विदेश मामलों और अंतर्राष्ट्रीय सहयोग मंत्रालय में अंतर्राष्ट्रीय सहयोग राज्य मंत्री रीम अल हाशिमी ने विदेश मंत्री जयशंकर का गर्मजोशी से स्वागत किया।
विदेश मंत्री डॉ. एस जयशंकर ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर पोस्ट कर लिखा, “अबू धाबी पहुंच गया हूं। गर्मजोशी से स्वागत के लिए मंत्री रीम अल हाशिमी को धन्यवाद। हमारी बातचीत का इंतजार रहेगा।”
वहीं, यूएई में भारतीय दूतावास ने भी विदेश मंत्री के हवाले से ‘एक्स’ पर ये जानकारी साझा की। बता दें कि विदेश मंत्री डॉ. एस जयशंकर 14 से 16 अक्टूबर तक संयुक्त अरब अमीरात (यूएई) की आधिकारिक यात्रा पर हैं।
विदेश मंत्रालय की तरफ से जारी बयान में कहा गया, “यात्रा के दौरान विदेश मंत्री अपने समकक्ष के साथ द्विपक्षीय बैठक कर भारत-यूएई व्यापक रणनीतिक साझेदारी की प्रगति की समीक्षा करेंगे। विदेश मंत्री अबू धाबी में रायसीना मिडिल ईस्ट के दूसरे संस्करण में चर्चा में भी भाग लेंगे।”
एस जयशंकर की यह यात्रा ऐसे समय में हो रही है जब ईरान में चल रहे संघर्ष और यमन में सऊदी अरब और हूतियों के बीच तेज हुए टकराव के कारण पूरे क्षेत्र में तनावपूर्ण स्थिति बनी हुई है।
इससे पहले दुबई में भारतीय महावाणिज्य दूतावास ने बताया था कि रास अल खैमा तट के पास कच्चे तेल के टैंकर एमटी जेम नंबर 2 में हुए हादसे के बाद 22 भारतीय चालक दल के सदस्यों को बचा लिया गया है।
भारतीय महावाणिज्य दूतावास ने एक्स पर लिखा था, “वाणिज्य दूतावास को रास अल खैमा तट के पास एमटी जेम नंबर 2 जहाज से जुड़ी एक घटना के बारे में पता चला, जिसमें 22 भारतीय चालक दल के सदस्य सवार थे। सभी चालक दल के सदस्यों को बचा लिया गया और वे सुरक्षित हैं। वाणिज्य दूतावास यूएई अधिकारियों के संपर्क में है और भारतीय नाविकों को हर संभव सहायता और सहयोग प्रदान कर रहा है।”
पिछले हफ्ते, मध्य पूर्व संघर्ष के बीच होर्मुज स्ट्रेट बंद होने के कारण अमेरिका से पिछड़ने के बाद यूएई एक बार फिर भारत का प्रमुख एलपीजी आपूर्तिकर्ता बन गया है।
समुद्री खुफिया फर्म केप्लर द्वारा संकलित आंकड़ों से पता चलता है कि सितंबर में भारत के एलपीजी आयात में यूएई की हिस्सेदारी 39 प्रतिशत रही, जो पिछले महीने 13 प्रतिशत थी। इसने अमेरिका को पीछे छोड़ दिया, जो पिछले छह महीनों से खाना पकाने की गैस का सबसे बड़ा आपूर्तिकर्ता था।
