नुवाकोट (नेपाल), 30 अगस्त (आईएएनएस)। नेपाल में आई आपदा को लेकर बात करते हुए नेपाल के विदेश मंत्री शिशिर खनाल ने इसे देश की सबसे बड़ी प्राकृतिक आपदाओं में से एक बताया है। प्रधानमंत्री बालेन्द्र शाह के निर्देश पर सभी एजेंसियां बचाव में जुटी हैं और अब तक 4,000 से ज्यादा लोगों को सुरक्षित निकाला गया है, जिनमें 200 से अधिक विदेशी नागरिक शामिल हैं।
उन्होंने बताया कि भारत ने पहले दिन से ही राहत सामग्री और विशेषज्ञ टीम भेजकर मदद की है, जिसके लिए नेपाल सरकार और जनता भारत की आभारी है।
नेपाल के विदेश मंत्री शिशिर खनाल ने कहा कि हाल के समय में नेपाल ने जिन प्राकृतिक आपदाओं का सामना किया है, यह उनमें सबसे बड़ी आपदाओं में से एक है। आपदा की खबर मिलते ही प्रधानमंत्री बालेन्द्र शाह ने राष्ट्रीय आपदा परिषद की आपात बैठक बुलाई और उसके बाद मंत्रिमंडल की बैठक भी हुई।
उन्होंने बताया कि प्रधानमंत्री ने सभी सरकारी एजेंसियों को साथ मिलकर काम करने और हर संभव सहायता उपलब्ध कराने का निर्देश दिया। फिलहाल हमारा सबसे बड़ा काम बचाव अभियान है, इसलिए हम यह सुनिश्चित करने की पूरी कोशिश कर रहे हैं कि इस क्षेत्र में मौजूद लोगों की सुरक्षा हो सके।
शिशिर खनाल ने बताया कि कल तक चार हजार से अधिक लोगों को सुरक्षित निकाला जा चुका है, जिनमें 200 से ज्यादा विदेशी नागरिक भी शामिल हैं।
उन्होंने बताया कि आपदा के पहले ही दिन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने हमारे प्रधानमंत्री से बात की और भारत सरकार की ओर से हर संभव मदद का आश्वासन दिया। मैंने भी अपने समकक्ष, विदेश मंत्री डॉ. एस जयशंकर से बात की और उन्हें हमारी जरूरतों के बारे में बताया।
भारत सरकार पहले ही राहत सामग्री से भरे विमान भेज चुकी है। भारत ने बचाव कार्यों में मदद के लिए विशेषज्ञों की टीम भी भेजी है। इसके लिए हम बेहद आभारी हैं। मैं व्यक्तिगत रूप से, नेपाल सरकार की ओर से और नेपाल की जनता की ओर से भारत सरकार को उनके सक्रिय सहयोग के लिए धन्यवाद देता हूं।
शिशिर खनाल ने कहा कि मैंने व्यक्तिगत रूप से कई देशों के अपने समकक्षों से बात की है और उन्हें भरोसा दिलाया है कि नेपाल सरकार विदेशी नागरिकों के बचाव को भी पूरी प्राथमिकता दे रही है। जितनी चिंता हमें नेपाली नागरिकों की सुरक्षा की है, उतनी ही प्रतिबद्धता के साथ हम विदेशी नागरिकों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए भी काम कर रहे हैं।
साथ ही, विदेश मंत्रालय में एक विशेष हेल्पलाइन भी शुरू की गई है, जहां कोई भी व्यक्ति, खासकर विदेशी नागरिक, हमसे मदद मांग सकता है।
