बीजिंग, 22 जून (आईएएनएस)। चीन ने विदेशी निवेश को स्थिर रखने और उसे बढ़ावा देने के उद्देश्य से नई कार्य योजना जारी की है। चीनी वाणिज्य मंत्रालय, राष्ट्रीय विकास एवं सुधार आयोग और वित्त मंत्रालय ने संयुक्त रूप से इस योजना की घोषणा की। योजना में पांच प्रमुख क्षेत्रों के तहत 15 उपाय प्रस्तावित किए गए हैं।
कार्य योजना में बाजार पहुंच का विस्तार, विदेशी निवेश की सुविधा बढ़ाना, निवेश प्रोत्साहन को मजबूत करना, विदेशी निवेश सेवा एवं सहायता प्रणाली में सुधार तथा निवेश प्रबंधन को और बेहतर बनाना शामिल है।
यह योजना विशेष रूप से सेवा, वित्तीय और दवा उद्योगों में विदेशी निवेश के अवसर बढ़ाने पर केंद्रित है। इसके तहत व्यावसायिक कौशल प्रशिक्षण संस्थानों, व्यावसायिक विद्यालयों तथा उच्च स्तरीय विज्ञान, प्रौद्योगिकी, कृषि और चिकित्सा विश्वविद्यालयों में खुलेपन के पायलट कार्यक्रमों का विस्तार करने का प्रस्ताव रखा गया है।
साथ ही, अधिक विदेशी वित्तीय संस्थानों को सरकारी बॉन्ड वायदा समेत विभिन्न जोखिम प्रबंधन उपकरणों का उपयोग करने की अनुमति और समर्थन देने की बात कही गई है। विदेशी संस्थानों को कानून के दायरे में रहकर फंड निवेश सलाहकार सेवाएं प्रदान करने के लिए भी प्रोत्साहित किया जाएगा।
योजना में जैव प्रौद्योगिकी और पूर्ण विदेशी स्वामित्व वाले अस्पतालों से संबंधित पायलट परियोजनाओं के दायरे को बढ़ाने के लिए जल्द अध्ययन और मंजूरी की प्रक्रिया आगे बढ़ाने का भी प्रस्ताव है।
विदेशी निवेश की सुविधा बढ़ाने के लिए योजना में कई महत्वपूर्ण कदम शामिल किए गए हैं। इनमें विदेशी निवेशकों द्वारा चीनी कंपनियों के अधिग्रहण से जुड़े नियमों में संशोधन, डेटा के सीमा-पार प्रवाह को आसान बनाना और विदेशी निवेश के पुनर्निवेश को प्रोत्साहित करना प्रमुख हैं।
इसके अलावा, प्रायोगिक मुक्त व्यापार क्षेत्रों और राष्ट्रीय सेवा क्षेत्र के खुलेपन वाले पायलट शहरों को अधिक क्षेत्रों में डेटा निर्यात की नकारात्मक सूची तैयार करने का समर्थन दिया जाएगा। विदेशी निवेशकों के लिए कर छूट नीतियों को प्रभावी ढंग से लागू करने और विदेशी अनुसंधान एवं विकास केंद्रों के लिए सहायक नीतियों को बेहतर बनाने पर भी जोर दिया गया है।
योजना में “चीन में निवेश” ब्रांड अभियान को आगे बढ़ाने, विदेशी निवेश परियोजनाओं को आकर्षित करने की प्रक्रिया को अधिक मानकीकृत बनाने, विदेशी निवेशित उद्यमों के लिए राष्ट्रीय उपचार नीति के पूर्ण कार्यान्वयन को सुनिश्चित करने और उपभोग बढ़ाने से जुड़ी गतिविधियों में उनकी भागीदारी को प्रोत्साहित करने जैसे कई उपाय शामिल हैं।
इसके साथ ही, प्रमुख विदेशी निवेश परियोजनाओं के लिए सेवा और सहायता व्यवस्था को मजबूत करने पर भी विशेष ध्यान दिया जाएगा, ताकि निवेशकों को अधिक भरोसेमंद और अनुकूल कारोबारी वातावरण मिल सके।
(साभार- चाइना मीडिया ग्रुप, पेइचिंग)

