नई दिल्ली, 8 जून (आईएएनएस)। भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में बीते 12 सालों में विश्व पटल पर भारत की तस्वीर बड़े स्तर पर बदल चुकी है। खासतौर से, बदलते वर्ल्ड ऑर्डर, ग्लोबल साउथ और वैश्विक व्यापार जगत में आज भारत मुख्य केंद्र बना हुआ है। ‘विश्वकल्याण के 12 साल’ पर भारत के विदेश मंत्री डॉ. एस. जयशंकर का एक इंटरव्यू आने वाला है।
इस इंटरव्यू में विदेश मंत्री जयशंकर बीते 12 सालों में पीएम मोदी के नेतृत्व में अंतरिक्ष अन्वेषण और ऊर्जा सुरक्षा से लेकर व्यापार, साइबर कैपेबिलिटी, राष्ट्रीय सुरक्षा और विदेश नीति तक भारत में अंतरराष्ट्रीय स्तर पर हुए बदलाव के बारे में गहरी चर्चा करेंगे।
विदेश मंत्रालय ने आगामी इंटरव्यू की जानकारी देते हुए सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखा, “प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भारत ने पिछले 12 सालों में एक बड़ा बदलाव देखा है। अंतरिक्ष अन्वेषण और ऊर्जा सुरक्षा से लेकर व्यापार, साइबर कैपेबिलिटी, राष्ट्रीय सुरक्षा और विदेश नीति तक, भारत ने दुनिया भर में अपनी पहचान बनाई है, अपनी रणनीतिक क्षमता को मजबूत किया है और अपने नागरिकों को अच्छे नतीजे दिए हैं।”
पीएम मोदी के नेतृत्व में भारत दुनिया की सबसे बड़ी पांच अर्थव्यवस्थाओं में से एक बना हुआ है। पिछले 12 वर्षों में भारत ने आर्थिक, तकनीकी, बुनियादी ढांचे और वैश्विक कूटनीति के क्षेत्र में उल्लेखनीय प्रगति दर्ज की है। देश ने दुनिया की पांचवीं सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था के रूप में अपनी पहचान मजबूत की है और डिजिटल परिवर्तन के क्षेत्र में भी नई मिसालें कायम की हैं।
सरकार की विभिन्न पहलों के तहत सड़क, रेल, हवाई अड्डों और बंदरगाहों के विकास पर विशेष जोर दिया गया। वंदे भारत ट्रेनों, एक्सप्रेसवे परियोजनाओं और आधुनिक हवाई अड्डों ने देश के परिवहन नेटवर्क को नई गति दी है। वहीं, यूनिफाइड पेमेंट्स इंटरफेस (यूपीआई) ने डिजिटल भुगतान व्यवस्था में क्रांतिकारी बदलाव लाया है।
अंतरिक्ष क्षेत्र में भारत ने चंद्रयान-3 की सफल चंद्र लैंडिंग और आदित्य-एल1 मिशन के जरिए अपनी वैज्ञानिक क्षमता का प्रदर्शन किया। रक्षा क्षेत्र में आत्मनिर्भरता बढ़ाने और स्वदेशी सैन्य उपकरणों के निर्माण पर भी जोर दिया गया।
विदेश नीति के मोर्चे पर भारत की वैश्विक भूमिका मजबूत हुई है। जी20 की सफल अध्यक्षता, वैश्विक दक्षिण की आवाज उठाने और विभिन्न अंतरराष्ट्रीय मंचों पर सक्रिय भागीदारी ने भारत की कूटनीतिक साख को बढ़ाया है।
हालांकि रोजगार, महंगाई और सामाजिक असमानता जैसी चुनौतियां अभी भी मौजूद हैं, लेकिन बीते 12 वर्षों में भारत ने विकास, तकनीक और वैश्विक प्रभाव के कई नए आयाम स्थापित किए हैं।

