Sunday, July 26, 2026
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वोटर अवेयरनेस के नाम पर जीविका दीदियों का दुरुपयोग, दी जा रही राशन-पेंशन बंद करने की धमकी: प्रशांत किशोर

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पटना, 26 जुलाई (आईएएनएस)। जन सुराज पार्टी के संस्थापक और बांकीपुर विधानसभा उपचुनाव के उम्मीदवार प्रशांत किशोर ने चुनाव प्रचार के दौरान कथित सरकारी हस्तक्षेप को लेकर गंभीर आरोप लगाए हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि मतदाता जागरूकता अभियान के नाम पर जीविका दीदियों का इस्तेमाल महिलाओं तक पहुंचने और उन्हें प्रभावित करने के लिए किया जा रहा है।

बांकीपुर विधानसभा उपचुनाव के उम्मीदवार प्रशांत किशोर ने पटना में आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा कि अगर मतदाता भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) या राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (एनडीए) के पक्ष में मतदान नहीं करते हैं तो उन्हें राशन, पेंशन और अन्य सरकारी योजनाओं के लाभ बंद होने की बात कही जा रही है।

उन्होंने कहा कि यह स्थिति पहले भी देखने को मिली थी और अब दोबारा ऐसी शिकायतें सामने आ रही हैं। पटना जिला मजिस्ट्रेट के आधिकारिक सोशल मीडिया पोस्ट के माध्यम से भी वही गतिविधि दोहराई गई है, जिसे उनकी पार्टी पहले आपत्तिजनक बता चुकी है।

उन्होंने कहा कि वोटर अवेयरनेस के नाम पर जीविका दीदियों, जो सरकार से जुड़ी वर्कर हैं उनका इस्तेमाल महिलाओं तक पहुंचने के लिए किया जा रहा है। उन्हें बताया जा रहा है कि अगर उन्होंने एनडीए या भाजपा को वोट नहीं दिया तो सरकारी सुविधाएं बंद हो जाएंगी। उनकी पार्टी को पूरे दिन ऐसी शिकायतें मिलती रहीं कि जीविका नेटवर्क से जुड़ी महिलाएं घर-घर जाकर इस तरह की बातें कर रही हैं।

प्रशांत किशोर ने कहा कि जन सुराज के नेताओं ने चुनाव आयोग से हस्तक्षेप की मांग करते हुए कहा है कि जीविका से जुड़ी महिलाओं या किसी भी अर्ध-सरकारी कर्मचारी को चुनावी गतिविधियों में भाग लेने की अनुमति नहीं होनी चाहिए।

उन्होंने कहा कि चुनाव आयोग के नियमों के तहत सरकारी कर्मचारियों और चुनाव प्रक्रिया से जुड़े लोगों की भूमिका स्पष्ट है और किसी भी तरह का पक्षपातपूर्ण हस्तक्षेप लोकतांत्रिक प्रक्रिया को प्रभावित कर सकता है।

प्रशांत किशोर ने कहा कि उनकी पार्टी इस मामले को लेकर केवल प्रेस कॉन्फ्रेंस तक सीमित नहीं रहेगी। जन सुराज पार्टी के प्रतिनिधि पहले भी चुनाव आयोग के अधिकारियों से मिल चुके हैं और आगे भी इस मुद्दे को उठाते रहेंगे। पार्टी के प्रतिनिधिमंडल की ओर से चुनाव पर्यवेक्षकों से भी मुलाकात की जाएगी।

उन्होंने दावा किया कि चुनाव आयोग के अधिकारियों ने भी इस मामले को गंभीरता से लिया है। अधिकारियों ने यह बात मानी कि सरकारी कर्मचारी चुनावी प्रक्रिया में भाग नहीं ले सकते जबकि जीविका जैसी संस्थाओं से जुड़े कार्यकर्ताओं की भूमिका को लेकर भी स्पष्टता जरूरी है।

प्रेस कॉन्फ्रेंस में प्रशांत किशोर ने भाजपा की चुनावी तैयारियों पर भी टिप्पणी की। उन्होंने कहा कि भाजपा ने बांकीपुर सीट पर करीब एक हजार कार्यकर्ताओं और कई नेताओं को तैनात किया है। हालांकि उन्होंने इसे पार्टी का लोकतांत्रिक अधिकार बताते हुए कहा कि हर राजनीतिक दल को चुनाव में अपनी रणनीति बनाने और संसाधनों का इस्तेमाल करने की स्वतंत्रता है।

उन्होंने कहा कि बड़ी संख्या में नेताओं, सांसदों, विधायकों और मंत्रियों की तैनाती यह दिखाती है कि बांकीपुर सीट को लेकर भाजपा कितनी गंभीर है।

प्रशांत किशोर ने कहा कि जनता ही तय करेगी कि चुनाव में किसे समर्थन देना है। उन्होंने दावा किया कि बांकीपुर में जन सुराज की मौजूदगी ने राजनीतिक मुकाबले को बदल दिया है और यही कारण है कि बड़ी राजनीतिक ताकतें अब इस सीट पर अधिक सक्रिय दिखाई दे रही हैं।