नई दिल्ली, 2 जुलाई (आईएएनएस)। व्हाट्सएप ने अपने नए ‘यूजरनेम’ फीचर को लेकर एफएक्यू (लगातार पूछे जाने वाले सवालों के जवाब) जारी किया है, जिसमें सोशल मीडिया कंपनी ने कहा कि ‘यूजरनेम’ फीचर अनिवार्य नहीं, बल्कि वैकल्पिक है।
सोशल मीडिया पर जारी इस एफएक्यू में ‘यूजरनेम’ फीचर की प्राइवेसी पर व्हाट्सएप ने कहा कि जैसे आप व्हाट्सएप में किसी अनजान का फोन नंबर नहीं खोज सकते, वैसे ही आप यूजरनेम भी नहीं खोज सकते हैं।
साथ ही, अनचाहे संपर्क को रोकने के लिए सभी मौजूदा उपाय लागू रहेंगे, जिनमें अनजान मैसेज भेजने वालों के बारे में जानकारी देने वाली चेतावनियां (जैसे कि क्या वे नया अकाउंट हैं, क्या आप कोई ग्रुप शेयर करते हैं, या वे किस देश में हैं) और ब्लॉक व रिपोर्ट करने की सुविधा शामिल है।
इसके अलावा, कंपनी यूजर्स को सलाह दी कि किसी को आपसे संपर्क करने से रोकने का सबसे अच्छा तरीका है कि आप एक यूजरनेम की जोड़ें और ऐसा यूजरनेम चुनें जो व्हाट्सएप पर यूनिक हो।
व्हाट्सएप ने आगे कहा कि अगर कोई यूजरनेम इंस्टाग्राम या फेसबुक पर किसी यूजर के द्वारा उपयोग हो रहा है, तो वह उनके लिए रिजर्व होगा।
इसके साथ व्हाट्सएप ने कहा ही कि लोग लोकप्रिय या जाने-माने यूजरनेम रिजर्व करने के बारे में जो दावे कर रहे हैं, वह सच नहीं है, सिर्फ असली अकाउंट के मालिक ही मशहूर सार्वजनिक हस्तियों के नाम रिजर्व कर सकते हैं।
हमने इस साल के आखिर में यूजरनेम लॉन्च होने से पहले ही रिजर्वेशन की सुविधा शुरू कर दी है, क्योंकि हमें लगता है कि लोग इस बात को लेकर काफी उत्साहित होंगे कि वे व्हाट्सएप पर कौन सा यूजरनेम चाहते हैं। हम इसमें जल्दबाजी नहीं कर रहे हैं और लोगों की राय भी सुन रहे हैं, ताकि जब इसे इस साल के आखिर में लॉन्च किया जाए, तो यह बिल्कुल सही हो।
भारत सरकार ने व्हाट्सएप पर आने वाले नए यूजरनेम फीचर के रोल-आउट पर फिलहाल पूरी रोक लगा दी है।
सरकार ने व्हाट्सएप को निर्देश दिया था कि वे तीन दिनों के भीतर यूजरनेम फीचर के बारे में जानकारी दें और सरकार के साथ बातचीत पूरी होने तक इसे लॉन्च न करें।

