बर्मिंघम, 13 जून (आईएएनएस)। भारत और पाकिस्तान के बीच रविवार को बर्मिंघम में विमेंस टी20 वर्ल्ड कप 2026 का हाईवोल्टेज मैच खेला जाना है, जिससे पहले शनिवार को पाकिस्तानी कप्तान फातिमा सना ट्रेनिंग सेशन के दौरान चोटिल हो गईं। हालांकि, यह चोट मामूली चोट है। सना को उम्मीद है कि वह भारत के खिलाफ मुकाबले से पहले फिट हो जाएंगी।
पाकिस्तान के नेट सेशन के दौरान 24 वर्षीय ऑलराउंडर के घुटने पर चोट लगी थी, जिससे रविवार को होने वाले ग्रुप-स्टेज के अहम मैच में उनके खेलने को लेकर थोड़ी चिंता पैदा हो गई। हालांकि, सना ने संकेत दिया कि चोट गंभीर नहीं है। मैच से पहले प्रेस कॉन्फ्रेंस में सना ने कहा, “आयशा (जफर) ने शॉट खेला और वह मेरे घुटने पर लगा। मुझे लगता है कि अब सब ठीक है।”
जब फातिमा सना से पूछा गया कि क्या वह भारत के खिलाफ बहुप्रतीक्षित मुकाबले के लिए फिट होंगी, तो पाकिस्तान की कप्तान ने जवाब दिया, “हां, उम्मीद है।”
यह चोट की खबर ऐसे समय में आई है जब पाकिस्तान टूर्नामेंट के सबसे बड़े मुकाबलों में से एक की तैयारी कर रहा है। बीते 9 विमेंस टी20 वर्ल्ड कप खेलने बावजूद, पाकिस्तान ने अभी तक ट्रॉफी नहीं जीती है। इस संस्करण में टीमों की संख्या 12 है, जिससे उसके लिए चुनौती अधिक कठिन हो गई है।
भारत के खिलाफ पाकिस्तान महिला क्रिकेट टीम का रिकॉर्ड भी पड़ोसी मुल्क की चिंता को बढ़ाता है। टी20 फॉर्मेट में पाकिस्तान ने भारत के खिलाफ 16 में से 13 मैच गंवाए हैं, जबकि 3 मैच में उसे जीत नसीब हुई।
इसके बावजूद, सना का मानना है कि उनकी टीम में मजबूत शुरुआत करने की क्षमता है और कई युवा खिलाड़ियों के उभरने से उन्हें हौसला मिला है।
साल 2024 में कप्तान बनने के बाद, सना लगातार दूसरी बार विमेंस टी20 वर्ल्ड कप में पाकिस्तान की कप्तानी कर रही हैं। कप्तान ने कहा, “बात सही शुरुआत करने की है, इसलिए हम यह मैच जीतने की कोशिश करेंगे, ताकि हमारे पास अलग-अलग मुकाबले के लिए विकल्प हों। मुझे लगता है कि हम इस टूर्नामेंट को लेकर बहुत उम्मीदें रखते हैं, क्योंकि हमारी टीम में कुछ युवा खिलाड़ी आए हैं, जिन्होंने साउथ अफ्रीका और जिम्बाब्वे के खिलाफ पिछली सीरीज में खुद को साबित किया है, इसलिए मुझे लगता है कि हमारे पास एक अच्छा कॉम्बिनेशन है।”
युवा टीम की जिम्मेदारी के बारे में बात करते हुए, सना ने अपनी अनुभवी टीम की साथियों और कोचिंग स्टाफ के सहयोग को इसका श्रेय देते हुए कहा, “यह एक अलग एहसास है क्योंकि मेरी टीम में सभी सीनियर हैं और वे मेरा साथ दे रहे हैं। कोचिंग स्टाफ भी मेरा साथ दे रहा है और उनकी वजह से मेरा काम आसान हो जाता है। मैं बस अपना क्रिकेट खेलती रहती हूं और वे मेरा काम आसान बनाने में मदद करते हैं।”

