लंदन, 30 अगस्त (आईएएनएस)। पाकिस्तान के पूर्व क्रिकेटर मोहम्मद यूसुफ ने टेस्ट कप्तान बाबर आजम की लगातार नाकामी के बीच उनकी कमियों को ठीक न करने लिए “तथाकथित कोचों” की कड़ी आलोचना की है।
बाबर टेस्ट क्रिकेट में लंबे समय से संघर्ष कर रहे हैं। उन्होंने दिसंबर 2022 के बाद से कोई भी टेस्ट शतक नहीं लगाया है। वह शतक के कई बार करीब पहुंचे हैं, लेकिन अपना शतक पूरा नहीं कर सके हैं। भले ही बाबर शतक नहीं बना पाए हैं, लेकिन उनके आउट होने के एक जैसे तरीकों की वजह से उनकी और ज्यादा आलोचना हो रही है। इंग्लैंड के खिलाफ दूसरे टेस्ट की पहली पारी में पाकिस्तान के टेस्ट कप्तान एक बार फिर अपनी कमजोरी का शिकार बने। कमेंट्री के दौरान नासिर हुसैन ने इंग्लैंड से लेकर वेस्टइंडीज तक उनके आउट होने के पैटर्न का विश्लेषण किया।
इस विश्लेषण पर प्रतिक्रिया देते हुए पाकिस्तान के पूर्व क्रिकेटर और बैटिंग कोच यूसुफ ने कोचों की कड़ी आलोचना की। यूसुफ ने कहा कि कोचों ने बाबर को उनकी कमी पर काम नहीं करने दिया, जिसे आसानी से ठीक किया जा सकता था। युसूफ ने अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर बाबर का वीडियो शेयर करते हुए लिखा, “कुछ साल पहले मैंने इस बारे में चेतावनी दी थी, लेकिन दुर्भाग्य से बाबर आजम और अन्य खिलाड़ियों के आस-पास मौजूद कुछ तथाकथित कोचों ने उन्हें उन मुद्दों पर काम नहीं करने दिया जिन्हें आसानी से सुलझाया जा सकता था। उसी नाकामी ने पाकिस्तान क्रिकेट को आज के पतन की स्थिति में पहुंचा दिया है।”
यूसुफ ने उन कोचों को “खेल के लिए जहर” भी कहा और उनकी आलोचना जारी रखी। उन्होंने लिखा, “ये कोच खेल के लिए जहर हैं। उनमें दूरदर्शिता की कमी है, वे तरक्की रोकते हैं और सबसे प्रतिभाशाली खिलाड़ियों को भी गुमराह करते हैं। अगर हमारे क्रिकेटर यह नहीं सीखेंगे कि किसकी बात माननी है, तो उनके करियर समय से बहुत पहले ही खत्म हो जाएंगे।”
“हमारे खिलाड़ियों की खराब तकनीक अब बांग्लादेश से लेकर इंग्लैंड तक बुरी तरह से उजागर हो गई है। जिसे वर्षों पहले ठीक किया जा सकता था, वह अब एक बड़ी कमज़ोरी बन गई है, जिससे पाकिस्तान क्रिकेट कमजोर पड़ गया है और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर संघर्ष कर रहा है।” बाबर का खराब फॉर्म पाकिस्तान के लगातार संघर्ष के साथ ही चल रहा है। पाकिस्तान ने घर से बाहर खेले गए अपने पिछले 10 टेस्ट मैचों में से 9 गंवाए हैं, और उन्हें सिर्फ एक जीत वेस्टइंडीज के खिलाफ नसीब हुई थी।
