Friday, May 22, 2026
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जमीन सौदे में 4 करोड़ की ठगी का पर्दाफाश, सूरत इको सेल ने असमत खान को किया गिरफ्तार

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सूरत, 22 मई (आईएएनएस)। गुजरात के सूरत में जमीन खरीदने के नाम पर चार करोड़ रुपए की धोखाधड़ी और यस बैंक में फर्जी खाता खुलवाकर करोड़ों रुपए ठिकाने लगाने के मामले में सूरत पुलिस की इकोनॉमिक ऑफेंसेस विंग (इको सेल) को बड़ी कामयाबी मिली है।

मामले की जानकारी देते हुए इको सेल के एसीपी जी ए सरवैया ने बताया कि पुलिस ने बैंक कर्मचारियों और मुख्य आरोपी के बीच मध्यस्थता करने वाले आरोपी असमत खान को गिरफ्तार कर लिया है। इस मामले में संलिप्त बैंक कर्मचारियों की गिरफ्तारी पहले ही की जा चुकी है।

दरअसस, शिकायतकर्ता पीयूष भाई अंकलेश्वर में एक जमीन (प्रॉपर्टी) खरीदना चाहते थे। इसी दौरान उनका संपर्क मुख्य आरोपी रवि कोलडिया से हुआ। रवि ने पीयूष भाई को अंकलेश्वर स्थित एक जमीन दिखाई, जिसके मूल मालिक विदेश में रहते हैं। रवि कोलडिया ने फरियादी को झांसा दिया कि वह एनआरआई मालिकों के ‘पावर ऑफ अटॉर्नी’ व अन्य जरूरी दस्तावेज क्लियर करवाकर जमीन की रजिस्ट्री उनके नाम पर करवा देगा।

जब फरियादी को रवि पर भरोसा हो गया, तो उन्होंने जमीन का सौदा तय होने पर जमीन मालिक के नाम का 4 करोड़ रुपए का चेक सौंप दिया। रवि ने इस पैसे को हड़पने के लिए बैंक कर्मचारियों के साथ मिलकर एक बड़ी साजिश रची। जिस वक्त यह बोगस अकाउंट खुलवाया गया, उस समय असली जमीन मालिक भारत में मौजूद ही नहीं थे।

इसके बावजूद, आरोपियों ने उनके फर्जी सिग्नेचर (हस्ताक्षर) किए और यस बैंक (अंकलेश्वर शाखा) में एक बोगस खाता खुलवा लिया। इस पूरी साजिश में गिरफ्तार आरोपी असमत खान ने मुख्य भूमिका निभाई थी। उसने ही रवि कोलडिया का परिचय बैंक कर्मचारियों से करवाया था और फर्जी खाता खुलवाने में मध्यस्थ बना था।

शिकायतकर्ता से मिला 4 करोड़ रुपए का चेक इसी बोगस अकाउंट में जमा कराया गया और बाद में वहां से पूरी रकम निजी उपयोग के लिए निकाल ली गई। जब काफी समय बीत जाने के बाद भी रजिस्ट्री कराने और जमीन का पजेशन देने में बहानेबाजी की जाने लगी तो शिकायतकर्ता पीयूष भाई को शक हुआ।

इसके बाद पीयूष ने सीधे विदेश में रह रहे मूल जमीन मालिकों से संपर्क किया। वहां से पता चला कि जमीन मालिकों को तो सौदे का एक भी रुपया नहीं मिला है। खुद को ठगा महसूस होने पर पीयूष ने पुलिस में शिकायत दर्ज कराई। मामले की जांच कर रहे इको सेल एसीपी जी ए सरवैया ने बताया कि यह कुल साढ़े पांच करोड़ रुपए की डील थी, जिसमें से 4 करोड़ रुपए का फ्रॉड किया गया है।

फर्जी दस्तावेज और गलत सिग्नेचर के आधार पर यस बैंक में खाता खोला गया था। इस मामले में लिप्त बैंक कर्मचारियों और मध्यस्थ असमत खान को गिरफ्तार कर लिया गया है। मुख्य आरोपी रवि कोलडिया ने पैसे अपने निजी अकाउंट में ट्रांसफर कर निकाल लिए थे। मामले की गहन तहकीकात अभी जारी है।

–आईएएनए

डीके/एबीएम