नई दिल्ली, 6 जनवरी (आईएएनएस)। दिल्ली हाईकोर्ट ने मंगलवार को आरजेडी नेता तेजस्वी यादव की याचिका पर सीबीआई को नोटिस जारी किया। इस याचिका में तेजस्वी ने ट्रायल कोर्ट के उस आदेश को चुनौती दी है, जिसमें आईआरसीटीसी होटल घोटाला मामले में उनके और परिवार के सदस्यों के खिलाफ आपराधिक आरोप तय करने का निर्देश दिया गया था।
मामले की संक्षिप्त सुनवाई के बाद जस्टिस स्वर्ण कांता शर्मा की सिंगल-जज बेंच ने सीबीआई से जवाब मांगा और तेजस्वी यादव की आपराधिक रिवीजन याचिका के साथ-साथ ट्रायल कोर्ट की कार्यवाही पर रोक लगाने की अर्जी पर भी नोटिस जारी किया।
तेजस्वी यादव की ओर से पेश हुए सीनियर वकील कपिल सिब्बल और मनिंदर सिंह ने दिल्ली हाईकोर्ट को बताया कि उनके पिता लालू प्रसाद यादव की ओर से दायर इसी तरह की याचिका पहले ही 14 जनवरी को सुनवाई के लिए लगी है। इस बात पर ध्यान देते हुए जस्टिस शर्मा ने निर्देश दिया कि तेजस्वी यादव की याचिका पर भी उसी तारीख को विचार किया जाए।
अपनी याचिका में तेजस्वी यादव ने राऊज एवेन्यू कोर्ट द्वारा पारित आदेश को चुनौती दी, जिसमें आईआरसीटीसी घोटाले के संबंध में भ्रष्टाचार, आपराधिक साजिश और धोखाधड़ी से संबंधित अपराधों के लिए उनके और अन्य आरोपियों के खिलाफ आगे बढ़ने के लिए पर्याप्त आधार पाए गए थे।
13 अक्टूबर 2025 को पारित एक आदेश में, राऊज एवेन्यू कोर्ट के स्पेशल जज विशाल गोगने ने लालू प्रसाद यादव, उनकी पत्नी राबड़ी देवी, उनके बेटे तेजस्वी यादव और अन्य आरोपियों के खिलाफ भारतीय दंड संहिता की धारा 420 (धोखाधड़ी) और 120बी (आपराधिक साजिश) के साथ-साथ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के प्रावधानों के तहत ट्रायल का रास्ता साफ कर दिया था।
स्पेशल कोर्ट ने 29 मई को लालू प्रसाद यादव, उनके परिवार के सदस्यों, प्रेम गुप्ता, सरला गुप्ता और रेलवे अधिकारियों राकेश सक्सेना और पी.के. गोयल के खिलाफ आरोप तय करने के मुद्दे पर विस्तृत दलीलें सुनने के बाद अपना आदेश सुरक्षित रख लिया था।
यह कथित घोटाला 2004 से 2009 के बीच का है, जब लालू प्रसाद यादव रेल मंत्री थे। उनके कार्यकाल के दौरान तय नियमों का पालन किए बिना दो आईआरसीटीसी होटलों को लीज पर दिया गया था। इनमें से एक होटल सरला गुप्ता को अलॉट किया गया था, जो उस समय आरजेडी प्रमुख के करीबी सहयोगी और राज्यसभा सदस्य प्रेम गुप्ता की पत्नी हैं।

