श्रीनगर, 20 जनवरी (आईएएनएस)। जम्मू-कश्मीर के उपराज्यपाल मनोज सिन्हा ने अमीरा कदल पुल का उद्घाटन किया, जिसका नेशनल कॉन्फ्रेंस के नेता सज्जाद शाहीन ने विरोध किया और इसे अनावश्यक हस्तक्षेप बताया है।
नेशनल कॉन्फ्रेंस के नेता सज्जाद शाहीन ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर उपराज्यपाल द्वारा अमीरा कदल में पुनर्निर्मित पैदल यात्री पुल के उद्घाटन पर सवाल उठाए और कहा कि इससे लोकतांत्रिक विकेंद्रीकरण कमजोर होता है।
सज्जाद शाहीन ने कहा कि अमीरा कदल में पुनर्निर्मित पैदल यात्री पुल का उपराज्यपाल द्वारा उद्घाटन करना नागरिक कार्यों में अनावश्यक हस्तक्षेप को दर्शाता है। ऐसे कार्य निर्वाचित सरकार और स्थानीय प्रशासन द्वारा किए जाने चाहिए। जब एक संवैधानिक पद पर बैठे व्यक्ति पैदल यात्री पुलों के उद्घाटन जैसे कार्यों में दखल देता है तो यह संस्थागत सीमाओं को धुंधला करता है, लोकतांत्रिक विकेंद्रीकरण को कमजोर करता है और शासन के स्थापित मानदंडों का उल्लंघन करता है।
बता दें कि श्रीनगर स्मार्ट सिटी लिमिटेड के तहत 7.70 करोड़ रुपए की लागत वाली इस परियोजना की शुरुआत दिसंबर 2023 में की गई थी। इस पुल के उद्घाटन के मौके पर एलजी ने कहा कि ऐतिहासिक रूप से महत्वपूर्ण यह परियोजना शहरी आवागमन और जीवन की गुणवत्ता में सुधार करते हुए विरासत को संरक्षित करेगी।
इस दौरान उपराज्यपाल ने कहा कि सांस्कृतिक विरासत के संरक्षण के माध्यम से अपने शहरों में नई जान फूंककर हम अपनी जड़ों का सम्मान कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि यह प्रतिबद्धता केवल बुनियादी ढांचे के उन्नयन तक सीमित नहीं है, बल्कि युवा पीढ़ी के लिए एक उज्जवल और अधिक मजबूत भविष्य के निर्माण से भी जुड़ी है।
उन्होंने कहा, “एक सच्चा स्मार्ट शहर केवल नए बुनियादी ढांचे के बारे में नहीं होता। यह गुणवत्तापूर्ण जीवन जीने के एक बिल्कुल नए तरीके को जन्म देने के बारे में होता है, जो जीवंत, कुशल और समावेशी हो।”
उपराज्यपाल ने कहा कि पैदल यात्री पुल के खुलने से आवागमन में सुधार होगा, वाणिज्यिक गतिविधियों को बढ़ावा मिलेगा और पर्यटकों को एक सुखद अनुभव प्राप्त होगा।

