Friday, June 19, 2026
SGSU Advertisement
Home मनोरंजन कन्नड़ सिनेमा के खलनायक हरीश राय का निधन, उनकी दाढ़ी में छुपा...

कन्नड़ सिनेमा के खलनायक हरीश राय का निधन, उनकी दाढ़ी में छुपा था जिंदगी का दर्द

0
80

मुंबई, 6 नवंबर (आईएएनएस)। कन्नड़ फिल्म इंडस्ट्री ने गुरुवार को एक बड़े सितारे को खो दिया। हरीश राय का 55 वर्ष की उम्र में निधन हो गया। उन्हें दर्शक खासतौर पर फिल्म ‘केजीएफ’ में ‘रॉकी’ के चाचा के किरदार से जानते थे। उनकी यह भूमिका इतनी यादगार बनी कि फैंस आज भी उन्हें उसी नाम से याद करते हैं। उनकी दाढ़ी लोगों को काफी पसंद थी, लेकिन इस दाढ़ी के पीछे उनका संघर्ष और दर्द छिपा था।

वह स्टेज 4 थायरॉइड कैंसर से जूझ रहे थे। उनका इलाज बेंगलुरु के एक अस्पताल में चल रहा था। डॉक्टर्स की लगातार कोशिशों और कीमोथेरेपी के बावजूद बीमारी उनके पेट और अन्य अंगों तक फैल गई थी, जिसके चलते वह हमेशा-हमेशा के लिए दुनिया को अलविदा कह गए।

उनके निधन की खबर सुनकर फिल्म इंडस्ट्री के लोग और फैंस काफी दुखी हैं। कर्नाटक के उपमुख्यमंत्री डीके शिवकुमार ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर उनकी तस्वीर पोस्ट करते हुए लिखा, ”कन्नड़ सिनेमा के मशहूर खलनायक हरीश राय का निधन बेहद दुखद है। उन्होंने ‘ओम’, ‘केजीएफ’, और ‘केजीएफ 2’ जैसी फिल्मों में शानदार अभिनय किया। मैं ईश्वर से प्रार्थना करता हूं कि उनकी आत्मा को शांति मिले और परिवार को यह दुख सहने की शक्ति मिले।”

हरीश राय ने अपने करियर की शुरुआत छोटे-छोटे रोल से की थी, लेकिन उनका अभिनय इतना प्रभावशाली था कि दर्शक उन्हें हमेशा याद रखते थे। उन्होंने कन्नड़ फिल्मों के साथ-साथ तमिल और तेलुगु फिल्मों में भी काम किया। फिल्म ‘ओम’ में उनका ‘डॉन राय’ का किरदार और केजीएफ के दोनों चैप्टर में उनका ‘चाचा’ का रोल दर्शकों के दिलों में बस गया। उनकी भारी आवाज, शानदार स्क्रीन प्रेजेंस और नेगेटिव रोल में गहराई ने उन्हें इंडस्ट्री में खास जगह दी।

करीब तीन साल पहले, हरीश राय ने एक इंटरव्यू में बताया था कि उन्हें कैंसर है। आर्थिक तंगी की वजह से उनका इलाज समय पर नहीं हो पाया और बीमारी ने तेजी से उन्हें कमजोर कर दिया।

हरीश राय ने खुलासा किया था कि उन्होंने ‘केजीएफ 2’ में लंबी दाढ़ी इसलिए रखी थी ताकि गले की सूजन छिप सके। यह दाढ़ी उनके संघर्ष की निशानी बन गई। कैमरे पर मजबूत दिखने वाले हरीश राय असल जिंदगी में दर्द और कमजोरी झेल रहे थे, लेकिन उन्होंने कभी हार नहीं मानी और अपने काम को जारी रखा।

उनके साथ काम करने वाले कलाकार और दोस्त उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित कर रहे हैं।