Thursday, June 11, 2026
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नाना पटोले के बयान को चरण सिंह सपरा का समर्थन, कहा- राहुल गांधी की भगवान राम से तुलना बिल्कुल सही

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मुंबई, 1 जनवरी (आईएएनएस)। महाराष्ट्र में सियासी बयानबाजी एक बार फिर तेज हो गई है। कांग्रेस के प्रवक्ता चरण सिंह सपरा ने भाजपा नेताओं और आध्यात्मिक कथावाचकों के हालिया बयानों पर पलटवार करते हुए कहा कि समाज में नफरत नहीं, प्रेम और न्याय की जरूरत है।

उन्होंने राहुल गांधी की तुलना भगवान राम से किए जाने के मुद्दे, शाहरुख खान को लेकर उठे विवाद और विभिन्न हत्याकांडों पर भाजपा की चुप्पी को लेकर सवाल खड़े किए।

कांग्रेस नेता नाना पटोले द्वारा राहुल गांधी की तुलना भगवान राम से किए जाने पर प्रतिक्रिया देते हुए चरण सिंह सपरा ने आईएएनएस से कहा कि भगवान राम मर्यादा, करुणा और समाज कल्याण के प्रतीक हैं। भगवान राम ने हमेशा समाज को जोड़ने का काम किया, प्रेम और सद्भाव फैलाया। आज राहुल गांधी भी उसी रास्ते पर चल रहे हैं। वे नफरत नहीं, मोहब्बत की बात करते हैं और समाज के कमजोर वर्गों के लिए आवाज उठाते हैं। ऐसे में अगर कोई इस तरह की तुलना करता है, तो इसमें कुछ भी अनुचित नहीं है।

भाजपा नेताओं और कथावाचकों पर हमला बोलते हुए सपरा ने सवाल किया कि जब उत्तराखंड में अंकिता भंडारी की हत्या हुई, तब ये लोग कहां थे। उन्होंने कहा, “अंकिता भी एक हिंदू लड़की थी। उसकी दर्दनाक हत्या क्या कम दुखद थी? उस समय इन नेताओं की आवाज क्यों नहीं निकली?”

उन्होंने त्रिपुरा की एंजेल चकमा की हत्या का भी जिक्र किया, जिनकी उत्तराखंड में हत्या कर दी गई थी। सपरा ने पूछा, “जब एंजेल को चाइनीज और मोमो जैसे नामों से पुकारा गया और उसकी जान ले ली गई, तब ये तथाकथित धर्म के ठेकेदार कहां थे?”

शाहरुख खान और केकेआर द्वारा बांग्लादेशी खिलाड़ी को खरीदे जाने पर आध्यात्मिक नेता देवकीनंदन ठाकुर के बयान पर प्रतिक्रिया देते हुए कांग्रेस प्रवक्ता ने कहा कि शाहरुख खान एक सुपरस्टार हैं, इसलिए उन्हें आसानी से निशाना बनाया जाता है। उन्होंने तंज कसते हुए कहा, “भाजपा नेताओं को यह भी बताना चाहिए कि ‘ऑपरेशन सिंदूर’ के बाद भारतीय पुरुष और महिला क्रिकेट टीमें पाकिस्तान के साथ मैच क्यों खेलती रहीं।”

चरण सिंह सपरा ने कहा कि भाजपा और उससे जुड़े लोग चुनिंदा मुद्दों पर ही आवाज उठाते हैं, जबकि असली सवाल इंसाफ, मानवता और सामाजिक सद्भाव से जुड़े हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि धर्म और राष्ट्रवाद के नाम पर नफरत फैलाने की कोशिश की जा रही है, जिसे देश की जनता अब समझने लगी है। जो लोग विकास को पसंद करते हैं, वो हमारे साथ खड़े हैं।