चंडीगढ़, 31 अगस्त (आईएएनएस)। मुख्यमंत्री भगवंत मान के निर्देश पर पंजाब को सुरक्षित और अपराधमुक्त बनाने के अभियान के तहत पुलिस को एक बड़ी सफलता हाथ लगी है। एंटी गैंगस्टर टास्क फोर्स (एजीटीएफ) और तरनतारन पुलिस की संयुक्त कार्रवाई में प्रभ दासूवाल-गोपी घनश्यामपुरिया गैंग के दो शातिरों को गिरफ्तार किया गया है। दोनों हाल ही में पट्टी तरनतारन के एक सैलून पर हुई फायरिंग की घटना में शामिल थे।
पंजाब के डीजीपी गौरव यादव ने रविवार को जानकारी देते हुए बताया कि गिरफ्तार आरोपियों की पहचान गुरप्रीत सिंह उर्फ गांधी (निवासी खडूर साहिब, तरनतारन) और जसकरण उर्फ करण (निवासी गांव फैलोके, तरनतारन) के रूप में हुई है। इनकी गिरफ्तारी के समय इनके पास से ‘तीन देशी 30 बोर पिस्तौल’ भी बरामद की गई।
डीजीपी ने बताया कि 24 अगस्त की रात करीब 11:30 बजे, तीन बाइक सवारों ने पट्टी, तरनतारन स्थित एक सैलून पर गोलियां चलाई थीं। सैलून मालिक को पिछले कुछ महीनों से अज्ञात मोबाइल नंबरों से हफ्ता वसूली की धमकियां मिल रही थीं।
प्रारंभिक जांच में पता चला है कि दोनों आरोपी विदेश में बैठे गैंगस्टर प्रभ दासूवाल के संपर्क में थे और उसी के निर्देश पर उन्होंने फायरिंग की थी ताकि सैलून मालिक से पैसे वसूले जा सकें।
डीजीपी यादव ने कहा कि आरोपी लगातार अपना ठिकाना बदल रहे थे और पंजाब में कोई सेंसेशनल क्राइम करने की साजिश रच रहे थे।
उन्होंने बताया कि अब इस पूरे नेटवर्क की तह तक पहुंचने के लिए कड़ियों की जांच जारी है।
एडीजीपी एजीटीएफ प्रमोद बान ने बताया कि खुफिया सूचना और तकनीकी निगरानी के जरिए इन दोनों आरोपियों के बारे में जानकारी मिली थी कि ये लोग किसी बड़ी वारदात की साजिश में लगे हैं।
तुरंत कार्रवाई करते हुए एजीटीएफ और तरनतारन पुलिस की संयुक्त टीम ने सरहाली रोड, कैरों (तरनतारन) से दोनों को गिरफ्तार कर लिया।
तरनतारन के एसएसपी दीपक पारीक ने बताया कि गिरफ्तार किए गए दोनों आरोपियों पर पहले से ही कई गंभीर आपराधिक मामले, जैसे हत्या, चोरी और आर्म्स एक्ट के तहत केस दर्ज हैं।
इस मामले में भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 125, 308(4), 324(2) और आर्म्स एक्ट की धारा 25 और 27 के तहत थाना सिटी पट्टी, तरनतारन में एफआईआर दर्ज की गई थी।
पुलिस अब इस नेटवर्क के अन्य सदस्यों और इनके संभावित अपराधों की जांच में जुट गई है।