नई दिल्ली, 7 जनवरी (आईएएनएस)। दिल्ली के तुर्कमान गेट स्थित एक मस्जिद के पास से अतिक्रमण हटाने के दौरान हुई पत्थरबाजी में दिल्ली पुलिस में कार्यरत कांस्टेबल विक्रम और हेड कांस्टेबल जल सिंह चोटिल हो गए। कांस्टेबल विक्रम ने बताया कि रात में भीड़ काफी ज्यादा थी। जिस वक्त पत्थरबाजी हुई, भीड़ में से नारे लगाए जा रहे थे कि “तुम्हारा खून ठंडा हो गया है।”
नई दिल्ली में कांस्टेबल विक्रम ने आईएएनएस से बातचीत करते हुए कहा कि 6 जनवरी को करीब 11:30 बजे से मैं एसएचओ के साथ तुर्कमान गेट पर ड्यूटी पर था। हज मंजिल के पास बहुत भीड़ थी। एसएचओ ने उन्हें समझाने की कोशिश की, लेकिन वे नहीं माने। उसके बाद पत्थरबाजी शुरू हो गई। भीड़ बहुत ज्यादा थी और पत्थरबाजी रात 12:30 बजे के बाद शुरू हुई। मैंने किसी को यह कहते सुना, ‘तुम्हारा खून ठंडा पड़ गया है।’
हेड कांस्टेबल जल सिंह ने कहा कि रात में अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई के दौरान कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए ड्यूटी पर था। हमारे एसएचओ भी ड्यूटी पर थे और बैरिकेड लगाए गए थे। एसएचओ भीड़ को सब कुछ शांति से समझा रहे थे और सुरक्षा सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए थे। काम कोर्ट के आदेशों के अनुसार सख्ती से किया जा रहा था। किसी को नुकसान पहुंचाने के लिए कुछ नहीं किया गया और किसी को चोट नहीं लगनी चाहिए थी, लेकिन भीड़ अचानक उग्र हो गई और पत्थरबाजी करने लगी। हमारे एसएचओ, मेरे साथी के साथ मुझे भी चोटें लगी हैं।
उन्होंने आगे बताया कि सीवर लाइन टूटा था, मलबे में से उठाकर पत्थर मारे गए। भीड़ काफी ज्यादा थी और गलियों में भी काफी संख्या में लोग थे।
पुलिस पर पथराव के मामले में जॉइंट सीपी मधुर वर्मा ने कहा कि 6 जनवरी को अतिक्रमण हटाने की प्रक्रिया शुरू होने से पहले कुछ बदमाशों ने पुलिस पार्टी पर पत्थर फेंके। इस घटना के संबंध में दिल्ली पुलिस ने भारतीय न्याय संहिता की विभिन्न धाराओं के तहत दंगा से संबंधित धारा और सार्वजनिक संपत्ति को नुकसान पहुंचाने से रोकने वाले कानून की धारा के तहत मामला दर्ज किया है। इस मामले में पांच लोगों को गिरफ्तार किया गया है।

