Monday, August 24, 2026
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आरएनटीयू और जेएनसीएच के बीच एमओयू, पहली बार शुरू होंगे 14 पैरामेडिकल डिप्लोमा और पीजी डिप्लोमा पाठ्यक्रम

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भोपाल : 27 जुलाई/रबीन्द्रनाथ टैगोर विश्वविद्यालय (आरएनटीयू) और जवाहरलाल नेहरू कैंसर हॉस्पिटल एंड रिसर्च सेंटर (जेएनसीएच) के पैरा मेडिकल इंस्टीट्यूट के बीच गुणवत्तापूर्ण पैरामेडिकल शिक्षा, कौशल विकास और शोध को बढ़ावा देने के लिए एक महत्वपूर्ण समझौता ज्ञापन (MoU) पर हस्ताक्षर किए गए। इस साझेदारी के तहत पहली बार 14 रोजगारोन्मुख सर्टिफिकेट, डिप्लोमा और पोस्ट ग्रेजुएट डिप्लोमा पाठ्यक्रम शुरू किए जाएंगे।

समझौते के अवसर पर आरएनटीयू की कुलसचिव डॉ. संगीता जौहरी, मेडिकल साइंस के डीन डॉ. सी.पी. मिश्रा, जेएनसीएच के चीफ फाइनेंस ऑफिसर ओ.पी. पंथी तथा एडमिनिस्ट्रेटर नागेश सोनी सहित दोनों संस्थानों के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।

पहली बार शुरू होंगे 14 विशेष पैरामेडिकल कार्यक्रम

एमओयू के तहत जवाहरलाल नेहरू कैंसर हॉस्पिटल के सहयोग से 14 विभिन्न सर्टिफिकेट, डिप्लोमा और पीजी डिप्लोमा कार्यक्रम संचालित किए जाएंगे। इन पाठ्यक्रमों में विद्यार्थियों को अस्पताल के अत्याधुनिक क्लिनिकल वातावरण में व्यावहारिक प्रशिक्षण मिलेगा, जबकि परीक्षा, मूल्यांकन और शैक्षणिक संचालन की जिम्मेदारी रबीन्द्रनाथ टैगोर विश्वविद्यालय निभाएगा।

विश्वविद्यालय के अनुसार यह पहल भोपाल के किसी विश्वविद्यालय द्वारा पहली बार की जा रही है।

आधुनिक स्वास्थ्य क्षेत्र की जरूरतों के अनुरूप पाठ्यक्रम

इन रोजगारोन्मुख पाठ्यक्रमों में जेनेटिक्स, फार्माकोलॉजी, साइको-ऑन्कोलॉजी, क्लिनिकल ट्रायल मैनेजमेंट, मेडिकल रिकॉर्ड मैनेजमेंट, हॉस्पिटल मैनेजमेंट और पेशेंट केयर मैनेजमेंट जैसे आधुनिक और तेजी से उभरते क्षेत्रों को शामिल किया गया है।

साथ ही विद्यार्थियों को जवाहरलाल नेहरू कैंसर हॉस्पिटल एंड रिसर्च सेंटर की अत्याधुनिक प्रयोगशालाओं और क्लिनिकल सुविधाओं में प्रशिक्षण का अवसर मिलेगा, जिससे उन्हें उद्योग की वास्तविक आवश्यकताओं के अनुरूप अनुभव प्राप्त होगा।

ब्लेंडेड मोड में होगी पढ़ाई

समझौते के अनुसार शिक्षण कार्य आवश्यकता के अनुसार ऑनलाइन और ऑफलाइन (ब्लेंडेड मोड) में संचालित किया जाएगा। सफल विद्यार्थियों को रबीन्द्रनाथ टैगोर विश्वविद्यालय की ओर से प्रमाणपत्र प्रदान किए जाएंगे।

विद्यार्थियों को मिलेगा वास्तविक क्लिनिकल अनुभव

आरएनटीयू की कुलसचिव डॉ. संगीता जौहरी ने कहा कि विश्वविद्यालय का उद्देश्य केवल डिग्री प्रदान करना नहीं, बल्कि विद्यार्थियों को उद्योग और समाज की आवश्यकताओं के अनुरूप दक्ष बनाना है। उन्होंने कहा कि यह साझेदारी विद्यार्थियों को आधुनिक तकनीक, गुणवत्तापूर्ण प्रशिक्षण और वास्तविक क्लिनिकल अनुभव उपलब्ध कराएगी, जिससे वे स्वास्थ्य क्षेत्र में बेहतर अवसर प्राप्त कर सकेंगे।

शिक्षा, शोध और रोजगार को मिलेगा नया आयाम

विश्वविद्यालय के कुलगुरु प्रो. आर.पी. दुबे ने कहा कि आरएनटीयू शिक्षा को समाज और उद्योग की जरूरतों से जोड़ने के लिए निरंतर प्रयासरत है। उन्होंने कहा कि जेएनसीएच के साथ यह शैक्षणिक सहयोग विद्यार्थियों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा, अत्याधुनिक क्लिनिकल प्रशिक्षण और शोध के नए अवसर उपलब्ध कराएगा।

दोनों संस्थानों ने विश्वास जताया कि यह साझेदारी प्रदेश में पैरामेडिकल शिक्षा की गुणवत्ता बढ़ाने, रोजगारोन्मुख कौशल विकसित करने और स्वास्थ्य क्षेत्र के लिए प्रशिक्षित मानव संसाधन तैयार करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।

इस अवसर पर विश्वविद्यालय के फार्मेसी विभाग की प्राचार्य दुर्गा पांडेय, नर्सिंग विभाग की प्राचार्य डॉ. डेजी थॉमस, डॉ. अविनाश सिंह और डॉ. रक्षा शर्मा भी उपस्थित रहीं।