Tuesday, August 4, 2026
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मध्यप्रदेश कैबिनेट के ऐतिहासिक फैसले: समान नागरिक संहिता समेत 9 विधेयकों को मंजूरी, 73 स्वास्थ्य संस्थाओं के उन्नयन को हरी झंडी

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भोपाल : 4 अगस्त/ मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की अध्यक्षता में गौंड वंश के ऐतिहासिक जगदीशपुर दुर्ग के चमन महल में आयोजित मंत्रिपरिषद की बैठक में कई महत्वपूर्ण और दूरगामी निर्णय लिए गए। कैबिनेट ने मध्यप्रदेश समान नागरिक संहिता (यूसीसी) विधेयक, 2026 सहित कुल 9 विधेयकों को आगामी विधानसभा सत्र में प्रस्तुत करने की मंजूरी दी। इसके साथ ही प्रदेश की 73 स्वास्थ्य संस्थाओं के उन्नयन के लिए 776.13 करोड़ रुपये की स्वीकृति भी प्रदान की गई।

समान नागरिक संहिता विधेयक को मिली मंजूरी

कैबिनेट ने समानता और न्याय की भावना पर आधारित “मध्यप्रदेश समान नागरिक संहिता, 2026” के विधेयक को मंजूरी दी। आवश्यक संवैधानिक और प्रक्रियात्मक औपचारिकताएं पूरी कर इसे विधानसभा में प्रस्तुत करने के लिए विधि एवं विधायी कार्य विभाग को अधिकृत किया गया।

इन 8 अन्य महत्वपूर्ण विधेयकों को भी स्वीकृति

मंत्रिपरिषद ने निम्नलिखित विधेयकों को भी विधानसभा में प्रस्तुत करने की मंजूरी दी :

  • मध्यप्रदेश निरसन विधेयक, 2026
  • मध्यप्रदेश अग्निशमन एवं आपातकालीन सेवाएं विधेयक, 2026
  • मध्यप्रदेश राजमार्ग (संशोधन) विधेयक, 2026
  • मध्यप्रदेश निजी विश्वविद्यालय (स्थापना एवं संचालन) संशोधन विधेयक, 2026
  • मध्यप्रदेश आयुर्विज्ञान विश्वविद्यालय (संशोधन) विधेयक, 2026
  • मध्यप्रदेश धन्वंतरि स्वास्थ्य विश्वविद्यालय विधेयक, 2026
  • मध्यप्रदेश कोड ऑन एम्पावरिंग वर्कस्पेसेज, 2026 (मध्यप्रदेश श्रम शक्ति संहिता)
  • मध्यप्रदेश ईज ऑफ डूइंग बिज़नेस विधेयक, 2026

इन सभी विधेयकों पर आगे की प्रक्रिया पूरी करने के लिए संबंधित विभागों को अधिकृत किया गया है।

निजी विश्वविद्यालयों की स्थापना होगी आसान

कैबिनेट ने मध्यप्रदेश निजी विश्वविद्यालय (स्थापना एवं संचालन) संशोधन विधेयक, 2026 को भी मंजूरी दी। संशोधन के तहत निजी विश्वविद्यालयों की स्थापना के लिए भूमि, निर्मित क्षेत्र और विन्यास निधि से जुड़े कुछ प्रावधानों में छूट देने का निर्णय लिया गया है।

प्रदेश को मिलेगा नया स्वास्थ्य विश्वविद्यालय

मंत्रिपरिषद ने मध्यप्रदेश धन्वंतरि स्वास्थ्य विश्वविद्यालय विधेयक, 2026 को मंजूरी दी। साथ ही मध्यप्रदेश आयुर्विज्ञान विश्वविद्यालय (संशोधन) विधेयक को भी स्वीकृति प्रदान की गई, जिससे राज्य में चिकित्सा शिक्षा और स्वास्थ्य सेवाओं को और मजबूत करने का मार्ग प्रशस्त होगा।

73 स्वास्थ्य संस्थाओं के उन्नयन पर 776 करोड़ रुपये खर्च होंगे

प्रदेश में स्वास्थ्य सुविधाओं को सुदृढ़ बनाने के लिए कैबिनेट ने 73 स्वास्थ्य संस्थाओं के उन्नयन के लिए 776 करोड़ 13 लाख रुपये मंजूर किए हैं।

इसके तहत:

  • 29 उप स्वास्थ्य केंद्रों को 6 बिस्तरीय प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र बनाया जाएगा।
  • 19 प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों का उन्नयन सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र के रूप में होगा।
  • 18 सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों को 50 बिस्तरीय सिविल अस्पताल में बदला जाएगा।
  • 7 स्वास्थ्य संस्थाओं को 100 बिस्तरीय अस्पताल के रूप में विकसित किया जाएगा।

1,600 नए नियमित पद सृजित होंगे

उन्नयन के साथ स्वास्थ्य संस्थानों में 1,600 नियमित और 71 संविदा पदों के सृजन को मंजूरी दी गई है। इसके अलावा 560 कर्मचारियों को आउटसोर्सिंग एजेंसियों के माध्यम से नियुक्त किया जाएगा।

इन संस्थाओं के संचालन पर प्रतिवर्ष 122.83 करोड़ रुपये का अतिरिक्त व्यय भी स्वीकृत किया गया है।

स्वास्थ्य सेवाओं को मिलेगा बड़ा लाभ

सरकार का कहना है कि इन निर्णयों से प्रदेश के दूरस्थ और ग्रामीण क्षेत्रों में रहने वाले लोगों को बेहतर और सुलभ स्वास्थ्य सुविधाएं मिलेंगी। अस्पतालों की क्षमता बढ़ने के साथ विशेषज्ञ चिकित्सा सेवाएं स्थानीय स्तर पर उपलब्ध हो सकेंगी, जिससे मरीजों को बड़े शहरों का रुख कम करना पड़ेगा।