भोपाल : 10 अप्रैल/ स्कोप ग्लोबल स्किल्स यूनिवर्सिटी, भोपाल के वनमाली सभागार में “साइबर सुरक्षा जागरूकता – स्टार्ट्स विद यू” एवं “नशा मुक्त भारत” विषयों पर जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया।
कार्यक्रम का उद्देश्य विद्यार्थियों एवं युवा वर्ग को बढ़ते साइबर अपराधों, नशे की प्रवृत्ति, सड़क सुरक्षा नियमों तथा महिला सुरक्षा से जुड़े महत्वपूर्ण पहलुओं के प्रति जागरूक करना रहा। यह कार्यक्रम विद्यार्थियों को जागरूक, जिम्मेदार एवं सुरक्षित नागरिक बनने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल साबित हुआ।
इस अवसर पर मुख्य अतिथि के रूप में मिसरोद थाना एएसआई चेतन गुप्ता, एसआई राजकुमार गुप्ता, हेड कांस्टेबल अशोक तोमर एवं लेडी कांस्टेबल प्रियंका तोमर उपस्थित रहे । साथ ही विश्वविद्यालय के कुलाधिपति डॉ. सिद्धार्थ चतुर्वेदी, कुलगुरु डॉ. विजय सिंह, कुलसचिव डॉ. सीतेश कुमार सिन्हा, डीएसडब्ल्यू डॉ. विनोद कुमार शर्मा उपस्थित रहे।
एएसआई चेतन गुप्ता ने सड़क सुरक्षा के महत्व पर प्रकाश डालते हुए हेलमेट और सीट बेल्ट के उपयोग, ट्रैफिक नियमों के पालन तथा सुरक्षित ड्राइविंग के प्रति जागरूक किया। वहीं लेडी कांस्टेबल प्रियंका तोमर ने महिला सुरक्षा एवं संबंधित कानूनों की जानकारी देते हुए छात्राओं को अपने अधिकारों के प्रति सजग रहने और किसी भी प्रकार की घटना की शिकायत दर्ज कराने के लिए प्रेरित किया।
एसआई राजकुमार गुप्ता ने विद्यार्थियों को नशे के दुष्प्रभावों से अवगत कराते हुए बताया कि यह न केवल स्वास्थ्य बल्कि मानसिक संतुलन, पारिवारिक संबंधों और सामाजिक प्रतिष्ठा को भी प्रभावित करता है। उन्होंने युवाओं को नशे से दूर रहकर सकारात्मक गतिविधियों में भाग लेने और अपने लक्ष्यों पर केंद्रित रहने के लिए प्रेरित किया।
हेड कांस्टेबल अशोक तोमर ने साइबर सुरक्षा पर विस्तृत जानकारी देते हुए सोशल मीडिया फ्रॉड, फिशिंग, ओटीपी स्कैम एवं बैंकिंग धोखाधड़ी जैसे साइबर अपराधों से बचाव के उपाय बताए। उन्होंने विद्यार्थियों को अपनी गोपनीय जानकारी साझा न करने और संदिग्ध गतिविधियों की तुरंत शिकायत करने की सलाह दी।
इस अवसर पर कुलाधिपति डॉ. सिद्धार्थ चतुर्वेदी ने ने कहा कि आज के समय में केवल शैक्षणिक ज्ञान ही पर्याप्त नहीं है, बल्कि विद्यार्थियों का जागरूक, जिम्मेदार और सुरक्षित नागरिक बनना भी उतना ही आवश्यक है। साइबर सुरक्षा, नशा मुक्ति, सड़क सुरक्षा एवं महिला सशक्तिकरण जैसे विषय युवाओं के समग्र विकास से सीधे जुड़े हैं। इस प्रकार के कार्यक्रम विद्यार्थियों को सही दिशा देने के साथ-साथ समाज में सकारात्मक बदलाव लाने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।”
कार्यक्रम के दौरान विद्यार्थियों ने प्रश्न पूछकर अपनी जिज्ञासाओं का समाधान प्राप्त किया। संपूर्ण आयोजन ज्ञानवर्धक एवं प्रेरणादायक रहा। अंत में विश्वविद्यालय प्रशासन ने सभी अतिथियों एवं प्रतिभागियों का आभार व्यक्त करते हुए भविष्य में भी ऐसे जागरूकता कार्यक्रम आयोजित करने की प्रतिबद्धता दोहराई।
कार्यक्रम में विभिन्न संकायों के फैकल्टी सदस्य, स्टाफ एवं लगभग 200 छात्र-छात्राओं ने सक्रिय सहभागिता की।

