Wednesday, May 27, 2026
SGSU Advertisement
Home अपराध पश्चिम बंगाल नगरपालिका भर्ती मामले में सीबीआई ने अंतिम आरोपपत्र दाखिल किया

पश्चिम बंगाल नगरपालिका भर्ती मामले में सीबीआई ने अंतिम आरोपपत्र दाखिल किया

0
19

कोलकाता, 2 जनवरी (आईएएनएस)। केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) ने शुक्रवार को पश्चिम बंगाल में नगरपालिकाओं की भर्ती के लिए करोड़ों रुपए के रिश्वत घोटाले में कोलकाता की एक विशेष अदालत में अपना अंतिम आरोपपत्र दाखिल किया।

अंतिम आरोपपत्र में सीबीआई ने भारतीय प्रशासनिक सेवा (आईएएस) अधिकारी ज्योतिष्मन चट्टोपाध्याय को आरोपी बनाया है।

कथित घोटाले में चट्टोपाध्याय पश्चिम बंगाल स्थानीय निकाय निदेशालय और राज्य के नगर निगम एवं शहरी विकास विभाग में महत्वपूर्ण पदों पर थे।

पश्चिम बंगाल स्थानीय निकाय निदेशालय राज्य भर में नगर निगमों और नगरपालिकाओं सहित शहरी नागरिक निकायों में भर्तियों के लिए प्राथमिक निर्णय लेने और कार्यान्वयन करने वाला प्राधिकरण है।

घटनाक्रम से अवगत सूत्रों ने बताया कि इससे पहले, सीबीआई अधिकारियों ने चट्टोपाध्याय के आवास पर तलाशी अभियान चलाया था, जिसके दौरान उन्होंने नगरपालिकाओं में भर्ती घोटाले में उनकी कथित भूमिका से जुड़े महत्वपूर्ण दस्तावेज जब्त किए थे।

अंतिम आरोपपत्र में बिचौलिए अयान शिल के स्वामित्व वाली कंपनी एबीएस इंफोजोन प्राइवेट लिमिटेड को भी आरोपी बनाया गया है। शिल को नगरपालिकाओं में भर्ती घोटाले का प्रमुख बिचौलिए माना जाता है।

प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) के अधिकारियों को नगरपालिकाओं में भर्ती घोटाले का पता सबसे पहले दो साल पहले शिल के आवास पर छापेमारी के दौरान चला था। यह छापेमारी पश्चिम बंगाल में करोड़ों रुपए के स्कूल में भर्ती के बदले नकद भुगतान के मामले के सिलसिले में की गई थी।

इसके बाद, कलकत्ता उच्च न्यायालय के निर्देशों पर सीबीआई ने नगरपालिकाओं में भर्ती अनियमितताओं की जांच शुरू की। बाद में सीबीआई ने शिल को इस मामले में गिरफ्तार कर लिया।

नगर पालिकाओं और स्कूल में भर्ती से जुड़े मामलों की समानांतर जांच कर रही सीबीआई और ईडी के जांचकर्ताओं ने शिल के नाम पर कथित तौर पर मौजूद 100 करोड़ रुपए से अधिक की अनधिकृत संपत्ति का पता लगाया है।

पिछले साल अक्टूबर में ईडी ने जांचकर्ताओं को अपराध की आय को डायवर्ट करने के लिए इस्तेमाल की जा रही फर्जी कंपनियों की संदिग्ध संलिप्तता के बारे में सूचित किया था। सूत्रों के अनुसार, ईडी को बाद में नगर पालिकाओं में भर्ती भ्रष्टाचार मामले से जुड़ी कई कंपनियों के बारे में जानकारी मिली।

इन सूचनाओं के आधार पर, ईडी अधिकारियों ने अक्टूबर में उत्तरी कोलकाता के बेलियाघाटा सहित कई स्थानों पर छापेमारी की।