SGSU Advertisement
Home अपराध सुप्रीम कोर्ट ने देश में तेजी से बढ़ रहे डिजिटल अरेस्ट के...

सुप्रीम कोर्ट ने देश में तेजी से बढ़ रहे डिजिटल अरेस्ट के मामलों पर गंभीर चिंता जताई

0
30

नई दिल्ली, 9 फरवरी (आईएएनएस)। सुप्रीम कोर्ट ने देश में तेजी से बढ़ रहे डिजिटल अरेस्ट के मामलों पर गंभीर चिंता जताई है।

सुनवाई के दौरान कोर्ट ने कहा कि ऐसे घोटालों में बैंक अधिकारी भी आरोपियों के साथ मिले हुए पाए गए हैं। खासकर वरिष्ठ नागरिक इसकी चपेट में आ रहे हैं। एक रिटायर्ड दंपति का उदाहरण देते हुए कोर्ट ने बताया कि उनकी पूरी जिंदगी की जमा-पूंजी ठगों ने छीन ली।

अटॉर्नी जनरल आर. वेंकटरमणि ने केंद्र सरकार की ओर से स्टेटस रिपोर्ट पेश की। उन्होंने बताया कि डिजिटल अरेस्ट से निपटने के लिए अब काफी व्यापक एसओपी (स्टैंडर्ड ऑपरेटिंग प्रोसीजर) तैयार की गई है। कोर्ट ने इसे प्रभावी ढंग से लागू करने के लिए जरूरी निर्देश जारी करने की बात कही।

सुप्रीम कोर्ट ने आरबीआई की एसओपी का जिक्र किया, जिसमें साइबर फ्रॉड की आशंका होने पर बैंकों द्वारा अस्थायी डेबिट होल्ड लगाने जैसी त्वरित कार्रवाई का प्रावधान है। कोर्ट ने गृह मंत्रालय से कहा कि 2 जनवरी 2026 की एसओपी को पूरे देश में लागू किया जाए और इंटर-एजेंसी कोऑर्डिनेशन सुनिश्चित किया जाए। साथ ही इन नियमों को दो हफ्तों के अंदर नोटिफाई करने का आदेश दिया।

कोर्ट ने चार हफ्तों के भीतर एमओयू (मेमोरेंडम ऑफ अंडरस्टैंडिंग) का ड्राफ्ट तैयार करने को कहा है। सीबीआई को डिजिटल अरेस्ट के मामलों की पहचान करने और जांच के निर्देश दिए गए हैं। आरबीआई को बैंकों को उचित कदम उठाने का आदेश देने को कहा गया है। इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय को समय पर रिपोर्ट दाखिल करने का निर्देश दिया गया।

यह सुनवाई डिजिटल फ्रॉड के खिलाफ सख्त कदमों की दिशा में महत्वपूर्ण है। कोर्ट ने स्पष्ट किया कि वरिष्ठ नागरिकों की सुरक्षा और बैंकिंग सिस्टम की जवाबदेही सुनिश्चित करने के लिए सभी एजेंसियां मिलकर काम करें। केंद्र सरकार ने पहले ही उच्च स्तरीय अंतर-विभागीय समिति गठित की है, जो इन घोटालों के सभी पहलुओं की जांच कर रही है।