बेंगलुरु, 10 फरवरी (आईएएनएस)। कर्नाटक हाईकोर्ट ने मंगलवार को बेंगलुरु के केआर पुरम से भाजपा विधायक बायरथी बसवराज की अग्रिम जमानत याचिका खारिज कर दी। बसवराज पर कुख्यात बदमाश शिवप्रकाश उर्फ बिक्लू शिवा की हत्या मामले में आरोप है। अदालत के इस फैसले के बाद विधायक की गिरफ्तारी कभी भी हो सकती है।
न्यायमूर्ति सुनील दत्त यादव की अध्यक्षता वाली पीठ ने इससे पहले गिरफ्तारी से मिली अंतरिम राहत को भी वापस ले लिया। इसके तुरंत बाद अपराध जांच विभाग (सीआईडी) ने विधायक की तलाश के लिए सर्च ऑपरेशन शुरू कर दिया।
सीआईडी सूत्रों के मुताबिक, बायरथी बसवराज फिलहाल फरार हैं और उन्हें किसी भी समय गिरफ्तार किया जा सकता है। आशंका जताई जा रही है कि वह देश से बाहर भागने की कोशिश कर सकते हैं, जिसके चलते उनके खिलाफ लुकआउट सर्कुलर भी जारी किया गया है।
सीआईडी ने अन्य राज्यों की पुलिस से भी समन्वय किया है और विधायक की गतिविधियों पर नजर रखने तथा गिरफ्तारी के लिए विशेष टीमें गठित की गई हैं।
गौरतलब है कि कुख्यात अपराधी बिक्लू शिवा की 15 जुलाई को पिछले साल बेंगलुरु के हलासुरु इलाके में उसके घर के सामने बेरहमी से हत्या कर दी गई थी।
जांच एजेंसियों का दावा है कि विधायक के खिलाफ अहम सबूत जुटा लिए गए हैं। सीआईडी सूत्रों के अनुसार, हत्या के पीछे की बड़ी साजिश का खुलासा करने के लिए बसवराज से हिरासत में पूछताछ जरूरी है।
इस मामले में बायरथी बसवराज को पांचवां आरोपी बनाया गया है और उन पर हत्या की धाराओं में केस दर्ज है। बेंगलुरु की भारतीनगर पुलिस ने मृतक की मां की शिकायत के आधार पर विधायक के खिलाफ एफआईआर दर्ज की थी।
हालांकि, बाद में मृतक की मां ने दावा किया कि उन्होंने अपनी शिकायत में भाजपा विधायक का नाम नहीं लिया था और उन्हें नहीं पता कि एफआईआर में उनका नाम कैसे जोड़ा गया। इसके बावजूद पुलिस का कहना है कि आगे की जांच में बसवराज के मुख्य आरोपी से कथित संबंध सामने आए हैं।
पुलिस के मुताबिक, विधायक के कुख्यात बदमाश जगदीश उर्फ जग्गा से सीधे संबंध थे और हत्या से पहले उनकी बिक्लू शिवा से कई बार मुलाकात भी हुई थी।
उल्लेखनीय है कि बायरथी बसवराज पहले मुख्यमंत्री सिद्धारमैया के करीबी माने जाते थे, बाद में उन्होंने बीजेपी का दामन थाम लिया।

